उत्तराखंड को इस बार 23 नए पॉलिटेक्निक तो मिलने जा रहे हैं लेकिन इनमें सीटें 25-25 ही होंगी। इस संबंध में शासनादेश जारी हो गया है और संस्थानों में पद सृजित हो चुके हैं।
संस्थानों के लिए खोजी जा रही इमारतें
इन संस्थानों की सीटों को पहली काउंसिलिंग में शामिल किया जाएगा, लेकिन बिल्डिंग का कुछ पता नहीं है। फिलहाल तेजी से नए संस्थानों के लिए इमारतें खोजी जा रही हैं।
नए संस्थानों के साथ प्रदेश में कुल 130 पॉलिटेक्निक हो जाएंगे। इनमें 77 सरकारी हैं और बाकी निजी। 2012 में भी प्रदेश में 13 नए राजकीय पॉलिटेक्निक स्थापित हुए थे। हर संस्थान में 25 सीटें थीं।
पुराने संस्थानों में सीटें बढ़ाने की बजाए पुराने पैटर्न पर 23 नए पॉलिटेक्निक शुरू किए जा रहे हैं। नए संस्थानों में भी 25 सीटों के हिसाब से कुल 575 सीटें हैं।
हालांकि इससे सूबे के युवाओं को लाभ हुआ है लेकिन सीटें बढ़ाई जाती तो बात अलग होती।
ये कैसी जल्दबाजी
प्रदेश सरकार ने गत वर्ष गोपेश्वर में यूटीयू का संघटक कालेज तो खोल दिया था लेकिन काउंसिलिंग में सीट आवंटित होने के बावजूद छात्रों के पास संस्थान का पता ठिकाना नहीं था।
करीब एक माह तक छात्र भटकते रहे, बाद में उन्हें किराए की बिल्डिंग में जगह दी गई। इसी प्रकार इस साल शासन ने 23 नए पॉलिटेक्निक का शासनादेश जारी कर प्रक्रिया तो शुरू करवा दी गई, लेकिन इनका पता ठिकाना नहीं है।
इस वजह से इनमें दाखिले को लेकर छात्र काफी असमंजस में हैं।