नर्सरी दाखिले के लिए नेबरहुड के मानक पास किया गया है। इसके तहत दिल्ली बॉर्डर के पास छह किलोमीटर तक के दायरे में रहने वाले छात्रों को भी दिल्ली के स्कूलों में प्रवेश मिलेगा।
सरकार ने नेबरहुड के लिए 6 किलोमीटर का दायरा तय करके उसके लिए 70 अंक निर्धारित कर दिए हैं। दिल्ली के कई इलाके ऐसे हैं जहां अच्छे स्कूल हैं जबकि कई इलाके ऐसे हैं जिसके इतने दायरे में अच्छे स्कूल आबादी के मुताबिक नहीं है।
एनसीआर की बात की जाए तो खासकर गाजियाबाद व नोएडा में रहने वाले काफी अभिभावक अपने बच्चे का दाखिला दिल्ली के स्कूलों में कराना चाहते हैं। ऐसे में इन इलाकों में रहने वालों को 6 किलोमीटर का दायरा तय करने से सीधे-सीधे 70 अंक का लाभ मिल सकता है।
मसलन मयूर विहार में ऐमिटी, एल्कॉन और रेयान इंटरनेशनल जैसे स्कूलों में नोएडा में रहने वाले बच्चों को दाखिला मिल पाएगा। इसी तरह से दिल्ली के वसुंधरा एंकलेव स्थित समरविला स्कूल में दाखिला नोएडा बॉर्डर के पास रहने वाले बच्चों का एडमिशन संभव हो जाएगा।
मयूर विहार फेज थ्री में सेंट मैरी व फेज एक में क्वीन मैरी स्कूल है। वहीं गाजियाबाद बॉर्डर की बात की जाए तो विक्टर पब्लिक स्कूल, विवेकानंद स्कूल, डीएवी स्कूल में दाखिला लिया जा सकेगा।
वेबसाइट पर होगी नेबरहुड इलाकों की जानकारी
नर्सरी में दाखिले करते समय स्कूलों को नेबरहुड मानक के अंतर्गत अपनी वेबसाइट पर 6 किलोमीटर के दायरे में आने वाले क्षेत्र की जानकारी देनी होगी।
गाइडलाइन में शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों को यह निर्देश दिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि नेबरहुड क्राइटेरिया के अंतर्गत 70 अंक निर्धारित हैं।
स्कूलों को इसकी जानकारी न केवल वेबसाइट बल्कि स्कूल के पब्लिक नोटिस बोर्ड पर भी जारी करनी होगी। इस निर्देश के पीछे निदेशालय की मंशा दाखिलों में पारदर्शिता बनाए रखने की है।
बढ़ेगी दिल्ली के अभिभावकों की परेशानी
एनसीआर से इतर दिल्ली में काफी कम इलाकों के 6 किलोमीटर के दायरे में अच्छे स्कूल हैं। दिल्ली पब्लिक स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष आरसी जैन ने बताया कि खासकर दिल्ली के गांव व देहातों के आस पास अच्छे स्कूल नहीं हैं।
स्कूल के 6 किलोमीटर के दायरे में आने वाले बच्चों को दाखिले की बात तय कर देने से हर साल दिल्ली के नामचीन 200 से 300 स्कूलों में मचने वाली दाखिले की दौड़ से दूर-दराज इलाकों में रहने वाला बच्चे बाहर हो जाएंगे।
इनमें घोंडा, शाहदरा नॉर्थ, करावल नगर, रंग पुरी जैसे इलाके शामिल हैं। वहीं नेशनल स्कूल प्रोग्रेसिव स्कूल कांफ्रेस की अध्यक्ष अमिता मूला वॉट्ल कहती हैं कि नए नेबरहुड का क्राइटेरिया की वजह से बच्चे अच्छे स्कूल से दूर होंगे।
उन्होंने कहा कि सरिता विहार के आसपास के इलाकों में स्कूल नहीं है। नॉर्थ में भी एक खास इलाके में ही अच्छे स्कूल मिलेंगे।