‘‘परीक्षा में नाकाम रहने वाले उम्मीदवार चयनकर्ताओं को अपना निशाना बना सकते हैं, इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसके मद्देनजर यूपीएससी परीक्षा में इंटरव्यू लेने वालों का नाम व पहचान जाहिर करना उनके लिए खतरनाक हो सकता है।’’
यह टिप्पणी हाईकोर्ट ने एक मामले का निपटारा करते हुए की। जस्टिस मनमोहन ने केंद्रीय सूचना आयोग के उस आदेश को खारिज कर दिया जिसमें इंटरव्यू लेने वालों की पहचान उनके नाम, पद, योग्यता समेत जाहिर करने का निर्देश दिया गया था।
कोर्ट ने कहा कि ऐसा करने से इंटरव्यू लेने वालों को खतरा हो सकता है। इसके मद्देनजर यह आरटीआई एक्ट में ऐसी जानकारी नहीं दी जा सकती।