डॉ. राममनोहर लोहिया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट अब बर्मिंघम लॉ स्कूल में पढ़ाई कर सकेंगे। इसके अलावा दोनों संस्थान आपस में मिलकर रिसर्च करेंगे और टीचर्स का भी एक्सचेंज करेंगे।
डॉ. राम मनोहर लोहिया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी और यूके के बर्मिंघम लॉ स्कूल के बीच एमओयू साइन हुआ है। इसके तहत अब दोनों संस्थान आपस में मिलकर काम करेंगे।
डॉ. राम मनोहर लोहिया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. गुरदीप सिंह ने यह एमओयू लंदन में बर्मिंघम लॉ स्कूल के साथ साइन किया है। लंदन यात्रा से लौटे प्रो. सिंह को उम्मीद है कि इससे दोनों ही संस्थानों को लाभ होगा।
यूनिवर्सिटी के प्रॉक्टर प्रो. एपी सिंह ने बताया कि इस एमओयू के तहत स्टूडेंट्स का एक्सेंज होगा, फैकल्टी व रिसर्च स्कॉलर का एक्सचेंज होगा, लीगल मैटेरियल, पब्लिकेशन और इनफॉरमेशन का भी एक्सेंज किया जाएगा।
दोनों संस्थान आपस में मिलकर रिसर्च करेंगे और उसके माध्यम से लीगल एजुकेशन में गुणात्मक बदलाव होगा। वहीं, कुछ ऐसे प्रोग्राम भी शुरू किए जाएंगे, जिसके माध्यम से स्टूडेंट दोनों संस्थाओं में जाकर अपने कोर्स की पढ़ाई पूरी करेंगे।
दोनों संस्थान आपस में मिलकर स्कॉलरशिप भी चलाएंगे। इसके अलावा आपस में मिलकर कांफ्रेंस, सेमिनार, वर्कशॉप और डिबेट आदि का भी आयोजन करेंगे।
लोहिया यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट व टीचर्स जब बर्मिंघम लॉ स्कूल जाएंगे तो उन्हें वहां कई नई चीजें पता चलेंगी, वहीं दूसरी ओर, जब बर्मिघम लॉ स्कूल के स्टूडेंट व टीचर्स यूनिवर्सिटी आएंगे तो उन्हें भी ज्ञानवर्धन होगा।
टीचर व रिसर्च स्कॉलर आपस में मिलकर रिसर्च करेंगे तो लीगल एजुकेशन के क्षेत्र में नई-नई चीजें सामने आएंगी।
डॉ. राम मनोहर लोहिया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. गुरदीप सिंह और बर्मिंघम बिजनेस स्कूल के हेड एंड्रयू सेंडर्स के बीच जो एमओयू साइन हुआ है उसके तहत तीन साल तक दोनों संस्थान आपस में मिलकर काम करेंगे।
इसके बाद दोनों इंस्टीट्यूशंस देखेंगे कि इसे और आगे बढ़ाने की जरूरत है कि नहीं। अगर सब कुछ ठीक चला तो इसे और आगे बढ़ाया जाएगा।