काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) की ओर र्से आईएससी 12वीं कक्षा का परिणाम शनिवार को घोषित किया गया, लेकिन सीआईएससीई की वेबसाइट का सरवर डाउन होने की वजह से परिणाम देर शाम तक घोषित नहीं किया गया। इस वजह से स्कूल प्रबंधन और विद्यार्थियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी।
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यह परिणाम दोपहर तीन बजे घोषित किया जाना था, लेकिन वेबसाइट में दिक्कत की वजह से विद्यार्थी देर शाम तक अपना परिणाम देख नहीं पाए। परीक्षा में शहर के दो स्कूल सेंट जेवियर्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-44 के 67 और स्ट्रोबरी फील्ड्स वर्ल्ड स्कूल सेक्टर-26 के सात विद्यार्थी बैठे थे।
इसमें सेंट जेवियर्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-44 की छात्रा जसलीन और पारूल ने 93 फीसदी अंक लेकर कामर्स स्ट्रीम में शहर में टॉपर किया। स्कूल की ही छात्रा देवांशी और पुशपिंदर कौर ने कामर्स स्ट्रीम में 90 फीसदी अंक हासिल किए। वहीं इसी स्कूल के छात्र आरूष गुप्ता ने नॉन मेडिकल स्ट्रीम में 90 फीसदी अंक हासिल कर शहर में टॉप किया। इसके अलावा स्ट्रोबरी फील्ड्स वर्ल्ड स्कूल के सात विद्यार्थियों में अधिकतम अंक 81 फीसदी हासिल किए।
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डॉ. दंपति का बेटा बना साइंस में ट्राइसिटी टॉपर
मैं क्लास में जो भी पढ़ाया जाता था, उसे ध्यान से पढ़ता था। किसी तरह की कोई ट्यूशन नहीं ली। रेगुलर स्टडी ही मेरा सक्सेस मंत्र है। यह कहना है आईएससी की 12वीं कक्षा की परीक्षा में साइंस स्ट्रीम में 95.75 प्रतिशत अंक लेकर ट्राइसिटी में टॉप करने वाले वाईपीएस स्कूल के छात्र सिद्धार्थ का है।
सिद्धार्थ ने बताया कि उसने मैथ और बायो दोनों विषयों की पढ़ाई की है। उसने बताया कि जहां से उन्हें कुछ सीखने को मिलता है। उसे सीखने की कोशिश करता हूं। उसने बताया कि उनके पापा डॉ. नारायण एवं मम्मी डॉ. संध्या दोनों पीजीआई में डॉक्टर हैं। सिद्धार्त का कहना है कि वह बेसिक साइंस के क्षेत्र में अपना कैरियर बनाना चाहता है। फ्री टाइम में गाने सुनना अच्छा लगता है।
सुबह आठ बजे से रात दस बजे तक सिर्फ पढ़ाई की : जसलीन
कामर्स स्ट्रीम में 93 फीसदी अंक करने वाली छात्रा जसलीन सोहेल ने बताया कि वह रोजाना सुबह आठ बजे से लेकर रात दस बजे तक लगातार पढ़ाई करती थीं।
बीच में मात्र पांच पांच मिनट के ब्रेक के बाद जसलीन फिर से स्टडी में लग जाती थीं। छात्रा जसलीन ने बताया कि उनके पिता कुलवंत सिंह शहर के एक सरकारी स्कूल में अंग्रेजी के टीचर हैं और मां जितेंदर कौर हाउस वाइफ हैं। छात्रा ने कहा कि परीक्षा के लिए उन्होंने काफी मेहनत की और सोशल साइट को शुरू से ही यूज नहीं किया। जसलीन ने कहा कि वे सीए बनना चाहती हैं।
स्कूल टेस्ट की तरह दी परीक्षा: पारुल झावर
93 फीसदी अंक हासिल करने के बाद पारुल झावर का सपना सीए बनने का है। पारुल ने बताया कि वह रोजाना सुबह सात बजे से लेकर रात आठ बजे तक पढ़ाई करती थीं।
पढ़ाई के बाद वह रात आठ बजे से टीवी भी देखती थीं। उसने बताया कि वह एसडी कालेज में एडमिशन लेना चाहती हैं। पारुल के पिता हिंदुस्तान टाइम्स कंपनी में सीनियर मैनेजर है और मां हाउस वाइफ है। हंसते हुए पारुल ने कहा कि यह परीक्षा उन्होंने स्कूल एग्जाइम की तरह दी थीं।
क्रिमनल साइकोलॉजी में बनाऊंगी कैरियर
मैंने सेशन के शुरू से ही रेगुलर स्टडी की थी। इस कारण मुझे यह सफलता मिली है। यह कहना है इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट (आईएससी) द्वारा घोषित कक्षा 12वीं कक्षा की परीक्षा में ह्यूमैनिटीज आर्ट्स ग्रुप में ट्राइसिटी टॉप करने वाली वाईपीएस स्कूल की छात्रा प्रिया आहलूवालिया का। प्रिया ने इस परीक्षा में 91.5 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं।
प्रिया ने बताया कि वह पांच-छह घंटे रोजाना पढ़ाई करती थी। इस दौरान उसका पूरा ध्यान पढ़ाई में होता था। उसने बताया कि आगे क्रिमनल साइकोलॉजी में अपना कैरियर बनाना चाहती है। उसने अपना लक्ष्य काफी पहले ही चुन लिया था। जिसे हर हालत में हासिल किया जाएगा। प्रिया ने बताया कि परिवार में मम्मी और बड़ी बहन हैं। बहिन यूएसए में पढ़ाई कर रही है। जब वह एक साल थी, तब पापा का देहांत हो गया था। मम्मी हाउस वाइफ हैं। जो उसका हर पल साथ देती हैं। उसे इंगलिश मूवी देखना काफी अच्छा लगता है। एग्जाम के दिनों में गाने सुनकर रिलेक्स करती थी।
आईएससी के 12वीं कक्षा के कॉमर्स ग्रुप की परीक्षा में 93.75 प्रतिशत अंक लेकर ट्राइसिटी टॉप करने वाली वाईपीएस स्कूल की छात्रा सिमरता कौर ग्रेवाल ने बताया कि उसने पूरे साल रेगुलर स्टडी की थी।
दिन में जब भी पढ़ाई को टाइम मिलता था। उस दौरान पढ़ाई करती थी। जिससे उसे यह सफलता मिली है। उसने बताया कि उसके पापा बिजनेसमैन हैं। जबकि मम्मी टीचर हैं। वह आगे इकॉनोमिक्स ऑनर्स की पढ़ाई दिल्ली या चंडीगढ़ से करना चाहती है।