देशभर में प्री-वेटरिनरी टेस्ट कराने की जिम्मेदारी इस बार सीबीएसई को दी गई है। वेटरनरी काउंसिल ऑफ इंडिया का मानना है कि टेस्ट में पारदर्शिता के लिए प्रश्न पत्र का खाका सीबीएसई तैयार करे तो ज्यादा अच्छा रहेगा।
देश में 13 वेटरिनरी यूनिवर्सिटी और 56 कॉलेज हैं। सभी कॉलेजों की कुल सीटों में 300 सीटें वेटरिनरी कांउसिल ऑफ इंडिया अपने स्तर से भरती है। बाकी सीटें भरने की जिम्मेदारी कॉलेज की होती है।
300 सीटों को पूरी करने के लिए वीसीआई की तरफ से ऑल इंडिया प्री-वेटरिनरी टेस्ट कराया जाता है। हर बार जहां वीसीआई टेस्ट का प्रश्न पत्र खुद तैयार करता था। इस बार प्रश्न पत्र सीबीएसई तैयार करेगा।
टेस्ट को लेकर उठे थे सवाल
वीसीआई अध्यक्ष डॉ. उमेश चंद्र शर्मा ने बताया कि टेस्ट को लेकर कुछ समय पहले सवाल उठे थे। इस कारण इस सत्र से और अधिक पारदर्शिता को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। सीबीएसई से अनुमति मिल गई है।
प्रदेश में एक यूनिवर्सिटी व दो कॉलेज
प्रदेश में एक वेटरनरी यूनिवर्सिटी और दो वेटरनरी कॉलेज हैं। हिसार स्थित लाला लाजपत राय वेटरनरी यूनिवर्सिटी में एक कॉलेज है, जबकि दूसरा कॉलेज रोहतक के पास बहुअकबरपपुर गांव में है।
पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए प्री-वेटरनरी टेस्ट को लेकर को बदलाव किया गया है। यह टेस्ट जून में होगा, जिसकी जिम्मेदारी सीबीएसई को दी गई है।
- डॉ. उमेश चंद्र शर्मा, अध्यक्ष वेटरनरी काउंसिल ऑफ इंडिया