एलयू पीजी कोर्सेज में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स का पाठ्यक्रम बदलेगा। सभी विभागों को अपने यहां कोर्स में बदलाव का प्रारूप तैयार करने के निर्देश दे दिए गए हैं।
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सभी विभागों को पत्र भेजकर ब्यौरा भेजने को कहा है, ताकि नए शैक्षिक सत्र से इसमें बदलाव किया जा सके। ऐसे में एलयू के साथ-साथ डिग्री कॉलेजों में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को नया कोर्स पढ़ने को मिलेगा।
अभी यूनिवर्सिटी प्रशासन समय-समय पर कोर्स बदलता है लेकिन कई विभागों में अभी काफी पुराना पाठ्यक्रम ही पढ़ाया जा रहा है। ऐसे में एलयू पुराने पाठ्यक्रम को बदले जमाने के अनुसार अपडेट करना चाहता है।
ताकि स्टूडेंट्स वक्त की जरूरत के अनुसार हो रहे बदलाव को समझ सकें। कोर्स डिजाइन करने में टॉपर्स भी देंगे सलाह। एलयू के प्रवक्ता प्रो. एनके पांडेय का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की मंशा है कि समय के साथ-साथ कोर्स अपडेट होते रहें।
विषय को इंडस्ट्री की मांग के अनुसार अपडेट किया जाएगा ताकि छात्रों को रोजगार मिल सके। प्रो. पांडेय कहते हैं कि यूनिवर्सिटी में जो भी विषय ऐसे हैं जिनको पढ़ने से सीधे कंपनियों में नौकरी मिल सकती है।
उन्हें हम इंडस्ट्री की जरूरत के अनुसार स्वरूप देंगे। इसके अलावा बाकी कोर्सेज में जो भी कुछ समय के साथ बदला है उसे शामिल किया जाएगा। स्टूडेंट्स को प्रैक्टिकल नॉलेज देने पर भी हम जोर देंगे।
इस पूरी प्रक्रिया का मकसद यह है कि स्टूडेंट्स इन कोर्सेज को पढ़ने के बाद आराम से नौकरी पा सकें। विवि प्रशासन की ओर से सभी विभागों को पत्र भेजकर कोर्स को अपडेट करने का निर्देश भेजा गया है।
कई विभागों ने अपने स्तर पर इसकी शुरुआत भी कर दी है। इसमें स्टूडेंट्स के सुझाव भी लिए जाएंगे। यूनिवर्सिटी प्रशासन की मंशा है कि टॉपर्स भी इस प्रक्रिया में शामिल हों।
अभी अंग्रेजी व भूगर्भविज्ञान विभाग ने अपनी-अपनी बोर्ड ऑफ स्टडीज में टॉपर्स को शामिल भी कर लिया है। आगे सभी विभाग टॉपर्स को इसमें शामिल करेंगे और वह बदलाव में मददगार होंगे।
इसका फायदा यह होगा कि स्टूडेंट्स की पसंद भी सामने आ सकेगी। फिलहाल एलयू प्रशासन नए शैक्षिक सत्र में क्रेडिट बेस्ड सिस्टम को लागू करने जा रहा है। इसकी घोषणा पहले ही की जा चुकी है।
अब पीजी कोर्सेज का पाठ्यक्रम बदलकर यूनिवर्सिटी प्रशासन बदलते जमाने से कदमताल मिलाने की कोशिश कर रहा है।