लखनऊ विश्वविद्यालय कार्यपरिषद ने 15 कॉलेजों में 19 नए पाठ्यक्रमों को मंजूरी दे दी है। विश्वविद्यालय ने कर्मचारियों को भी कई तोहफे दिए हैं।
सभी कर्मचारियों को छठे वेतनमान, समयमान वेतनवृद्धि सहित अनानुमोदित कर्मचारियों के मानदेय में 15 फीसदी की बढ़ोतरी को स्वीकृति मिली है।
वहीं, प्रमोशन की आस लगाए बैठे शिक्षकों को निराशा हाथ लगी है। इस बाबत परिनियमावली में संशोधन लागू करने की तिथि पर कार्यपरिषद में सहमति नहीं बन सकी।
गुरुवार को हुई लविवि की कार्यपरिषद बैठक में कई अहम मुद्दों पर फैसला लिया गया। 15 कॉलेजों में 19 पाठ्यक्रमों को मंजूरी मिली। कर्मचारियों से संबंधित मामलों पर कार्यपरिषद ने सहमति जताई लेकिन शासन की ओर से जारी परिनियमावली लागू करने की तिथि पर सहमति नहीं बन सकी।
इस संबंध में लविवि ने मसौदा शासन को वापस भेज दिया, जिस कारण प्रमोशन पर शिक्षकों को मायूसी हाथ लगी। शासन के निर्णय के बाद ही यह तय होगा कि परिनियमावली किस तिथि से लागू होगी।
कार्यपरिषद बैठक में इसके साथ ही दीक्षांत समारोह की तिथि को भी मंजूर प्रदान की गई। लविवि का दीक्षांत समारोह नौ जनवरी को होना है। दीक्षांत समारोह के दौरान आरए माशेलकर को मानद उपाधि दिए जाने को भी कार्यपरिषद ने मंजूरी दी।
कार्यपरिषद के फैसले के बाद लविवि में कर्मचारी क्रीड़ा परिषद और कर्मचारी सांस्कृतिक परिषद अस्तित्व में आ जाएंगे। इसके साथ ही दूसरे विश्वविद्यालयों में शिक्षक और कुलपति पद पर कार्यभार ग्रहण करने वाले शिक्षकों की छुट्टी को कार्यपरिषद ने मंजूर कर लिया।
चार विभागों में रखे जाएंगे दो-दो शिक्षक
कार्यपरिषद बैठक में चार विभागों में अनुबंध के आधार पर दो-दो शिक्षकों को भर्ती करने को मंजूरी मिली है। इसके बाद अनुबंध आधार पर जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन, गृह विज्ञान, योगिक साइंस और कंप्यूटर साइंस विभागों में असिस्टेंट लेक्चरर पद पर दो-दो शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी।
जांच समितियों के सदस्यों को मिलेगा मानदेय
लखनऊ विश्वविद्यालय में विभिन्न जांच समितियों में आने वाले सदस्यों को अब मानदेय का भुगतान किया जाएगा। अभी तक जांच समिति में आने वाले कुछ शिक्षकों को भुगतान किया जाता है और कुछ को नहीं किया जाता था।
इस स्थिति को समाप्त करने के लिए जांच समिति में आने वाले सभी सदस्यों को भुगतान करने पर सहमति बनी है। मानदेय की राशि अभी तय नहीं हुई है।
कर्मचारियों को मिलीं कई सौगातें
लखनऊ विश्वविद्यालय कार्यपरिषद बैठक के फैसलों से विश्वविद्यालय के सैकड़ों कर्मचारियों के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई। बैठक मे कर्मचारियों से संबंधित कई मसलों पर चर्चा की गई।
चर्चा के बाद कर्मचारियों से संबंधित सभी मामलों पर कार्यपरिषद ने अपनी मुहर लगा दी। कार्यपरिषद ने मई, 2012 के शासनादेश के अनुसार सभी अनानुमोदित कर्मचारियों को 15 प्रतिशत की अतिरिक्त वेतन वृद्धि देने पर अपनी सहमति जता दी है।
इसके साथ ही विश्वविद्यालय के सभी कर्मचारियों को छठे वेतनमान का लाभ और समयमान वेतनवृद्धि देने पर भी कार्यपरिषद ने अपनी मुहर लगाई है। इसके साथ ही दैनिक वेतन मस्टर रोल पर काम करने वाले कर्मचारियों का पारिश्रमिक भी बढ़ा दिया गया है।
अभी तक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 120 रुपए प्रतिदिन और तृतीय श्रेणी कर्मचारियों को 140 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान किया जाता था। दोनों प्रकार के कर्मचारियों की पारिश्रमिक दरों में अब बढ़ोतरी कर दी गई है।
अब चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 191 और तृतीय श्रेणी दैनिक भोगी कर्मचारियो को 210 प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। इन सभी मामलों पर 16 नवंबर को आयोजित हुई वित्त समिति बैठक में सहमति जताई गई थी।
कार्यपरिषद ने वित्त समिति के बाकी मामलों पर भी अपनी सहमति जता दी है। लविवि कर्मचारी परिषद अध्यक्ष रिंकू राय ने लंबे समय से लंबित कर्मचारियों की मांगें पूरी होने पर कुलपति का विशेष रूप से धन्यवाद दिया।