इंटरमीडिएट में वोकेशनल कोर्स पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को स्नातक में दाखिले के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय वेटेज देगा।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय व्यावसायिक शैक्षिक अर्हता संरचना (एनवीईक्यूएफ) के तहत इंटरमीडिएट में जिन स्टूडेंट्स ने स्किल बेस्ड वोकेशनल कोर्सेज की पढ़ाई की होगी उन्हें अब स्नातक में दाखिले में कोई दिक्कत नहीं होगी।
क्योंकि सीबीएसई जैसे कुछ बोर्ड ने इन पाठ्यक्रमों को रेग्युलर पाठ्यक्रम के रूप में एनवीईक्यूएफ के तहत पढ़ाना शुरू किया है।
ऐसे में अगर स्टूडेंट आगे स्नातक में बीए, बीएससी व बीकॉम में दाखिले के लिए परेशान नहीं होना होगा।
बुधवार को लखनऊ विश्वविद्यालय की प्रवेश समिति की बैठक में इस पर विस्तृत चर्चा की गई।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन प्रो. वेद प्रकाश की ओर से यूनिवर्सिटी को पत्र मिल चुका है कि वह इन कोर्सेज को पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को भी वरीयता दे और दाखिले में किसी भी तरह दिक्कत न हो।
इन विषयों को दाखिला लेते समय दूसरे अन्य सामान्य विषयों के समतुल्य ही आंका जाए।
फिलहाल यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय लेने के लिए एक कमेटी के गठन को मंजूरी दे दी है।
अब जल्द ही कुलपति डॉ. एसबी निमसे का विधवत गठन करेंगे। यूनिवर्सिटी की प्रशासन इसे अगले शैक्षिक सत्र 2015-16 से विधवत रूप से लागू करेगी।
कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर इसे लागू किया जाएगा। इसके अलावा बुधवार को हुई प्रवेश समिति की बैठक में चार नए कोर्स शुरू करने को अपनी मंजूरी दे दी है।
डॉ. गिरी लाल गुप्ता इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्थ में बैचलर ऑफ पब्लिक हेल्थ (बीपीएच) कोर्स शुरू होंगा।
इसमें 30 सीटें होंगी। एमएससी इन न्यूट्रिशन एंड हेल्थ का कोर्स भी इस इंस्टीट्यूट में शुरू किया जा रहा है और इसमें 30 सीटें होंगी।
वहीं डॉ. शंकर दयाल शर्मा इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी में दो कोर्स शुरू किए जाएंगे।
इसमें बीए ऑनर्स इन पब्लिक पॉलिसी कोर्स शुरू होगा और इसमें 30 सीटें होंगी। इसी तरह एमए इन पब्लिक पॉलिसी कोर्स भी पढ़ाया जाएगा और इसमें 30 सीटें होंगी।
वहीं बीएससी में भी शारीरिक शिक्षा कोर्स पढ़ाए जाने का भी मुद्दा उठा। इस पर विज्ञान संकाय से जुड़े कुछ लोगों ने विरोध भी किया लेकिन इसे आगे लागू किए जाने पर सहमति बनी।
वहीं स्नातक कक्षाओं में दाखिले के लिए जल्द ऑन लाइन प्रक्रिया शुरू करने पर सहमति बनी। इस बार पारदर्शिता के लिए पूरा ब्यौरा ऑन लाइन होगा।
दाखिले की पहली कटऑफ जारी करने के बाद दूसरी कटऑफ चार दिनों के भीतर और उसके बाद तीसरी कटऑफ तीन दिनों के भीतर निकाल दी जाएगी।
इसके बाद दाखिला ओपन कर दिए जाएंगे। वहीं पीएचडी में दाखिले के लिए जो प्रस्ताव रखे गए उनमें विज्ञान संकाय में 34, शिक्षा संकाय में 14, वाणिज्य संकाय में 37 और विधि संकाय में 34 स्टूडेंट के प्रवेश पर मुहर लगा दी गई।
उधर, एलयू में पीजी के कोआर्डिनेटर प्रो. कमालुद्दीन ने बुधवार को इस्तीफा दे दिया। दाखिले शुरू होने से ठीक पहले पीजी के कोआर्डिनेटर द्वारा इस्तीफा दिए जाने से एलयू को करारा झटका लगा है।
सूत्रों की मानें तो प्रो. कमालुद्दीन जिस तरह अपनी प्रवेश सेल का गठन करना चाह रहे थे उसमें प्रशासनिक भवन में बैठे अधिकारी अडंगा लगा रहे थे।
मन मुताबिक काम करने की छूट न मिलने के कारण उन्होंने इस्तीफा दे दिया है।