पंजाब यूनिवर्सिटी की राजनीति में काफी समय सक्रिय रहने वाले केमिस्ट्री विभाग के रिटायर्ड प्रोफेसर और हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रो. ऋषि देव आनंद ने पीयू की नवगठित सिंडीकेट के सभी सदस्यों, पीयू के कुलपति और रजिस्ट्रार को लीगल नोटिस भेजा है।
प्रो. आनंद ने नोटिस में स्पष्ट किया है कि वीसी प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर की पत्नी प्रो. नीरा ग्रोवर की संगीत विभाग में नियुक्ति को अगर सिंडीकेट मंजूरी देती है तो गैर कानूनी होगी।
ऐसा करने पर सभी सिंडीकेट सदस्यों पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। सीनेट की 8 दिसंबर की बैठक के बाद प्रो. आनंद ने हाईकोर्ट में इस मामले में याचिका दायर की थी। हालांकि हाईकोर्ट ने उसे स्वीकार नहीं किया था।
इससे पहले प्रो. आनंद ने पीयू प्रशासन को सीनेट की बैठक में इस मामले को शामिल करने पर लीगल नोटिस भेजा था।
पीयू सिंडीकेट की 4 जनवरी को होने वाली बैठक में प्रो. नीरा ग्रोवर को संगीत विभाग में खाली पड़े प्रोफेसर के पद पर नियुक्त करने का मामला आ रहा है।
सिंडीकेट की 8 अक्तूबर को हुई बैठक में प्रो. ग्रोवर की नियुक्ति को एक साल की एक्सटेंशन की मंजूरी नहीं दी थी। इसके बाद सीनेट की बैठक में इस मामले में हंगामा हुआ था और इसे सिंडीकेट के पास दोबारा से विचार के लिए रैफर कर दिया गया था।
सिंडीकेट की ओर से मंजूरी न दिए जाने के बाद प्रो. नीरा ग्रोवर ने मुंबई यूनिवर्सिटी में ज्वाइन कर लिया है और अब पीयू की नवगठित सिंडीकेट की यह मुद्दा फिर से लाया जा रहा है।