पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस में मंगलवार को स्टूडेंट फॉर सोसाइटी (एसएफएस) के छात्र नेताओं और समर्थकों को फीस बढ़ोतरी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करना भारी पड़ गया।
पुलिस ने कुलपति दफ्तर के बाहर भूख हड़ताल पर बैठे स्टूडेंट और उनके समर्थकों पर जमकर लाठीचार्ज किया। कई छात्रों की पुलिस ने दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। यहीं नहीं छात्रों को पकड़कर जिप्सी के अंदर तक पीटा गया।
इस घटना में एक पुलिस कर्मचारी और कुछ छात्रों को चोटें आई हैं। इस बीच उग्र विद्यार्थियों ने पत्थरबाजी भी की। पीयू कैंपस में मामला इतना बिगड़ गया कि भारी संख्या में पुलिस बल तैनात करना पड़ा। पुलिस द्वारा मामला दर्ज किए जाने को लेकर पुलिस स्टेशन के सामने देर रात तक छात्रा नारेबाजी करते रहे।
ये रहा पीयू में दिनभर का घटनाक्रम
पीयू में एसएफएस छात्र नेता 23 दिनों से पीयू द्वारा आगामी सत्र से प्रथम वर्ष की फीस में 10 से 20 फीसदी का विरोध कर रहे थे। वीसी दफ्तर के सामने एसएफएस नेता परविंदर सिंह 6 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे थे।
मंगलवार को अपनी मांगों को लेकर एसएफएस नेताओं ने कुलपति प्रो.अरुण कुमार ग्रोवर की गाड़ी को रोकने का प्रयास किया। कुछ छात्र गाड़ी के सामने ही लेट गए।
पीयू प्रशासन ने इस पुलिस को बुला लिया और सभी छात्रों को गेट के सामने से हटाने के आदेश दिए। पुलिस ने विरोध में बैठे विद्यार्थियों को जबर्दस्त उठाने का प्रयास किया। इससे पुलिस और छात्रों के बीच हाथपाई हुई और मामला बिगड़ गया।
पीयू के विभागों को किया बंद
मंगलवार एसएफएस समर्थकों की पुलिस द्वारा बुरी तरह पिटाई के बाद पीयू के सभी साइंस विभागों को बंद करा दिया गया। 200 से अधिक विद्यार्थियों ने विभागों में जाकर नारेबाजी की।
उधर कुछ समय के लिए पीयू स्टूडेंट सेंटर की दुकानों को भी विरोध में बंद किया गया। देर शाम विद्यार्थियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने पर पीयू प्रशासन के अधिकारियों के हाथ पैर भी फूल गए।
डीएसडब्ल्यू सहित कई अधिकारी थाने में एफआईआर रद्द कराने के लिए पहुंचे। लेकिन पुलिस अधिकारियों ने मामले में आरोपी विद्यार्थियों को मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने की बात कही।
100 के करीब समर्थक भी पुलिस स्टेशन में देर रात तक डटे रहे। उधर एसएफएस ने बुधवार को मामले को लेकर पीयू कैंपस में बंद तक करने की तैयारी कर ली है।