कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के नए नियमों के मुताबिक सत्र-2014-15 के लिए कॉलेजों में रैगिंग के लिए न केवल विद्यार्थी बल्कि उनके अभिभावक भी जवाबदेह होंगे।
कॉलेजों में दाखिले के लिए विद्यार्थियों से फार्म के साथ दो पेज के प्रफोर्मा भी भरवाया जा रहा है। यह प्रफोर्मा एक तरह का शपथपत्र है, जिसमें विद्यार्थी और उसके अभिभावकों के हस्ताक्षर लेकर यह चेताया जा रहा है कि विद्यार्थी रैगिंग करता पाया जाता है, तो उसके लिए स्वयं विद्यार्थी और उसके अभिभावक जवाबदेह होंगे।
भरवाए जा रहे हैं शपथ पत्र
बता दें कि बीते वर्ष तक कॉलेजों द्वारा विद्यार्थियों से एंटी रैगिंग के लिए एफीडेफिट बनवाए जाते थे। इसे बनवाने के लिए विद्यार्थियों को 200 रुपये खर्च करने पड़ते थे।
लेकिन इस बार कॉलेजों में नियमों में फेरबदल के तहत एडमिशन फार्म के साथ दो पेज का प्रफोर्मा भरवाया जा रहा है। इसमें एक पेज विद्यार्थी तो दूसरा पेज उसके अभिभावक के लिए शपथ पत्र के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
दो पेज के इस प्रफोर्मा में विद्यार्थियों और अभिभावक हस्ताक्षर सहित यह स्वीकारेंगे कि यदि उस विद्यार्थी का नाम रेगिंग में पाया जाता है, तो इसके कॉलेज जिम्मेदार नहीं होगा, बल्कि गाइडलाइन के तहत उस पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
कॉलेजों ने किए एंटी रैगिंग दस्ते गठित
स्टूडेंट और उसके अभिभावकों से एंटी रैगिंग से संबंधित प्रफोर्मा भरवाने के साथ ही कॉलेजों में एंटी रैगिंग दस्ते गठित कर दिए गए हैं, जो गुपचुप तरीके से विद्यार्थियों के बीच जाकर इस बात का पता लगाएंगे, कि कहीं सीनियर विद्यार्थी जूनियर से रैगिंग तो नहीं कर रहे हैं।
यदि ऐसा करता कोई पाया गया, तो यह दस्ता सीधे तौर पर उक्त विद्यार्थियों को पकड़कर कॉलेज प्राचार्य के समक्ष पेश करेगा। इसके उपरांत मैनेजमेंट कमेटी मामले की पूरी जांच-पड़ताल के बाद उक्त विद्यार्थी पर कार्रवाई अमल में लाएगी। दाखिला प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही सभी कॉलेजों में रैगिंग के खिलाफ जागरूक करने के लिए विभिन्न पोस्टर और बोर्ड लगाए गए हैं।
सीसीटीवी कैमरे से रहेगी नजर
कई कॉलेजों में रैगिंग के प्रति चौकस प्रबंध कर लिए हैं। मुकंदलाल नेशनल कॉलेज, यमुनानगर, महाराजा अग्रसेन कॉलेज, जगाधरी, डीएवी गर्ल्स कॉलेज, यमुनानगर सहित अन्य कई कॉलेजों में हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए कॉलेज में जगह-जगह पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं।
इनकी मदद से कॉलेज प्रिंसिपल और स्टाफ ऑफिस में बैठकर ही कॉलेज के कोने-कोने पर गठित हो रही पल-पल की गतिविधि पर नजर रख सकेंगे।