कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने नियमों बदलाव किया है। अब पास होने के लिए 35 के बजाय चालीस प्रतिशत अंक लेने होंगे। नए नियम के अनुसार थ्योरी, प्रैक्टिकल एवं आंतरिक मूल्यांकन में भी न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक अनिवार्य हैं। इससे पहले, थ्योरी एवं प्रैक्टिकल और आंतरिक मूल्यांकन के सभी अंकों को मिलाकर यदि आपने 35 अंक हासिल किए हैं तो पास माना जाता था। लेकिन अब तीनों ही प्रकार की परीक्षाओं में कम से कम 40 प्रतिशत अंक लेने अनिवार्य होंगे। बीकॉम का रिजल्ट आने पर यह खुलासा हुआ।
पहले यह था नियम
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के तहत परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को पहले 35 प्रतिशत अंक हासिल करने होते थे। जिसमें यदि आंतरिक मूल्यांकन एवं थ्योरी का कुल योग 35 प्रतिशत होने पर पास मान लिया जाता था। यदि थ्योरी में 15 अंक आते हैं और आंतरिक मूल्यांकन में प्रोफेसर 20 अंक देता था, तो कुल 35 नंबर के साथ स्टूडेंट् पास माना जाएगा। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
अब ऐसे होंगे पास
नए नियम के अनुसार थ्योरी, प्रैक्टिकल व आंतरिक मूल्यांकन परीक्षाओं में 40 प्रतिशत अंक हासिल करना अनिवार्य है। थ्योरी का पेपर 80 नंबर का होगा तो 40 प्रतिशत अंक यानी 32 अंक हासिल करने होंगे। आंतरिक मूल्यांकन में 20 में से न्यूनतम 8 अंक अनिवार्य कर दिए गए हैं।
बंक मारने वालों पर कसेगा शिकंजा
कक्षाएं बंक मारने वाले विद्यार्थियों के लिए नए नियम भारी पड़ेंगे। उन्हें न केवल कक्षाएं लगानी पड़ेंगी, बल्कि पढ़ाई भी करनी होगी। अब वह केवल प्रोफेसर के दिए आंतरिक मूल्यांकन के अंकों एवं प्रैक्टिकल के सहारे पास नहीं हो पाएंगे।
51 प्रतिशत अंक लिए, फिर पर फेल
बीकॉम के तीसरे सेमेस्टर की छात्रा सुमन ने बताया कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने 51 प्रतिशत अंक देकर भी मुझे फेल कर दिया है। थ्योरी में 31 नंबर और सेशनल में 20 नंबर हैं। फिर भी उसे फेल कर दिया गया। लेकिन सुमन ने थ्योरी में 40 प्रतिशत के हिसाब से 32 नहीं हासिल किए, इसलिए उसे फेल किया गया है। 51 प्रतिशत अंक लेने के बाद भी उसे फेल कर दिया है।
परिणाम देखकर उड़े विद्यार्थियों के होश
विश्वविद्यालय द्वारा जारी परीक्षा परिणाम देखकर विद्यार्थियों होश उड़ गए। विद्यार्थी रोहन, अशोक, ललित, सुषमा, मोनिका, योगिता, सुनेहा, मनीष ने बताया कि विश्वविद्यालय ने जो परीक्षा परिणाम घोषित किया है। उससे काफी झटका लगा है। 100 प्रतिशत के अनुसार 35 प्रतिशत अंक लेने अनिवार्य हैं, लेकिन विश्वविद्यालय ने अलग तरीके से परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया।
इटरनल असेसमेंट में जीरो नंबर तो तीन साल तक नहीं होंगे पास
बीए, बीएसी, बीकॉम के तीन वर्षों में से यदि किसी एक विषय में आंतरिक मूल्यांकन के यदि 0 से 7 अंक मिलें, तो वे तीन साल तक पास नहीं हो पाएंगे। अगर विद्यार्थी थ्योरी में 80 अंकों में से 80 भी प्राप्त कर लेता है, तो वह पास नहीं माना जाएगा।
विश्वविद्यालय के निर्देशों के बारे में बच्चों को बता दिया गया है। विश्वविद्यालय ने बच्चों के हितों के लिए ही यह फैसला लिया है, ताकि वे कक्षाएं लगा सकें और अच्छे नंबरों से पास हों।
-प्रो. ओपी गर्ग, वाइस-प्रिंसिपल, आरकेएसडी कॉलेज।
इस बारे में जानकारी नहीं है। पता करके ही कुछ बता सकेंगे। विश्वविद्यालय के पीआरओ अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि संबंधित विभाग के जानकारी लेकर ही कुछ बताया जा सकता है।
-हुकम सिंह, परीक्षा नियंत्रक, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय।