किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) प्रदेश का पहला चिकित्सा संस्थान होगा, जो नर्सिंग में एमएससी की डिग्री देगा। यहां पोस्ट ग्रेजुएशन की 60 सीटों पर प्रवेश लिया जाएगा और छह विषयों में पाठ्यक्रम शुरू होगा।
प्रत्येक पाठ्यक्रम में 10-10 सीटों पर प्रवेश का प्रस्ताव है। इसके अलावा बीएससी नर्सिंग में 100 सीटें होंगी। अभी तक कानपुर मेडिकल कॉलेज और संजय गांधी पीजीआई में ही बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम चल रहे हैं। अन्य कॉलेज निजी क्षेत्रों के हैं।
केजीएमयू में कार्यपरिषद की हरी झंडी के बाद नर्सिंग की पढ़ाई शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है। अब इंडियन नर्सिंग काउंसिल से एनओसी लेने की कवायद होगी। इसके बाद 2015 सत्र से केजीएमयू में पढ़ाई शुरू होगी।
केजीएमयू प्रशासन के अनुसार यह प्रदेश में पहला चिकित्सा संस्थान हैं, जहां एमएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा।
बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम चलाने वाले प्रदेश में सरकारी और निजी क्षेत्र के कई कॉलेज हैं लेकिन एमएससी (पीजी पाठ्यक्रम) पहली बार शुरू किया जा रहा है।
शुरू होंगे ये पाठ्यक्रम
नर्सिंग कॉलेज में स्त्री एवं प्रसूति रोग, जनरल सर्जरी, मेडिसिन, कम्युनिटी मेडिसिन, बाल रोग और मानसिक रोग में पीजी पाठयक्रम शुरू होगा। प्रत्येक में 10 सीटों पर प्रवेश लिया जाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि बीएससी और नर्सिंग पाठ्यक्रम शुरू होने से प्रशिक्षित नर्सेस तैयार होंगी, जो मरीजों की देखभल में प्रशिक्षित होंगी और डॉक्टर को स्ट्रांगली सपोर्ट करेंगी।
छह नर्सिंग कॉलेज हैं संबद्ध
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) छह नर्सिंग कॉलेज संबद्ध हैं। इनमें पांच कॉलेजों में चार साल का बीएससी नर्सिंग और एक में दो साल का पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम चलता है।
इसके लिए प्रवेश परीक्षा केजीएमयू आयोजित करता है। चार साल के पाठ्यक्रम में कुल 220 सीटें और दो वर्षीय पाठ्यक्रम में 30 सीटें हैं। सेना के कमांड अस्पताल के नर्सिंग कॉलेज को भी केजीएमयू ने संबद्धता दे रखी है।
प्रदेश का एक मात्र कॉलेज बदहाल
प्रदेश में एक मात्र बीएससी डिग्री कानपुर मेडिकल देता है। वहां 25 सीटें हैं, लेकिन मानक पूरे न होने के कारण इंडियन नर्सिंग काउंसिल ने पांच सीटों की कटौती कर दी है, जबकि शासन ने वहां की सीटें 25 से बढ़ाकर 50 करने की एनओसी कॉलेज को दे दी थी।
कानपुर का लाला लाजपत राय अस्पताल (एलएलआर) नर्सिंग कॉलेज ही एक मात्र ऐसा कॉलेज है, जहां बीएससी नर्सिंग पोस्ट बेसिक पाठ्यक्रम की पढ़ाई होती है।
इस पाठ्यक्रम में प्रवेश जीएनएम डिप्लोमा ले चुके अभ्यर्थियों को ही मिलता है। एलएलआर के अलावा प्रदेश में एसजीपीजीआई और बीएचयू में ही बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई होती है। एसजीपीजीआई की 30 नर्सों का पहला बैच इसी वर्ष प्रशिक्षण देकर निकला है।
मगर एमएससी नर्सिंग दूसरे किसी भी कॉलेज में नहीं हो रही। इसी वजह से केजीएमयू स्टूडेंट्स को नर्सिंग में एमएससी करने का एक अच्छा मौका देगा।