जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) का पूरा कैंपस अब वाई-फाई होगा। लंबे समय से रुके इस प्रोजेक्ट को यूजीसी ने मंजूरी दे दी है। जल्द ही कैंपस में स्थित हॉस्टल्स और रेजीडेंस समेत अन्य सेंटर्स पर भी वाई-फाई से इंटरनेट की कनेक्टविटी होगी। जेएनयू के कुलपति एस. के. सोपोरी ने इसकी पुष्टि की है।
कैंपस को वाई-फाई करने की योजना 2008 में बनी थी। इसे तीन चरणों में पूरा करना था। पहले चरण में कैंपस के सभी एकेडमिक ब्लॉक को वाई-फाई करना था। यह काम शुरू भी हुआ, लेकिन 2010 में सुरक्षा कारणों के मद्देनजर यह बीच में रोक दिया गया। तब से इस योजना का विस्तार नहीं हुआ। वर्तमान में एकेडमिक ब्लॉक की 26 इमारतों में यह सुविधा मिलती है।
अब फिर यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) से इसके लिए विश्वविद्यालय को फंड मिला है। जिसमें बाकी दो चरणों में वाई-फाई नेटवर्क का विस्तार कर पूरे कैंपस में कनेक्टिविटी दी जाएगी। इसके दूसरे चरण में कैंपस में मौजूद 16 हॉस्टल्स और उसके बाद रेजीडेंस इलाके शामिल होंगे। तीसरे चरण में स्टूडेंट एक्टिविटी सेंटर और कैंपस हेल्थ सेंटर शामिल होगा।
विश्वविद्यालय के मुताबिक सबकुछ ठीक रहा, तो अगले चार महीने में यह शुरू हो जाएगा। फिलहाल नेटवर्क को लेकर टेस्टिंग का काम चल रहा है। जरूरत पड़ी तो और थ्रीजी टॉवर लगाए जाएंगे। फिलहाल एकेडमिक ब्लॉक में वाई-फाई सेवाएं मिल रही हैं। इसका नेटवर्क बेहतरीन है, क्योंकि वहां ऑप्टिकल फाइबर के जरिए यह सेवा दी जा रही है।