शहर के सेक्टर-23ए स्थित आईटीएम यूनिवर्सिटी के छात्र प्रखर पांडेय ने वाटर सेविंग टॉयलेट फ्लैश का आविष्कार किया है।
इससे पानी की बचत होने के साथ-साथ विकलांग, बुजुर्ग और बच्चे इसका प्रयोग आसानी से कर सकते हैं। यह पूरी तरह से हाइजेनिक भी है।
इससे रोजाना 50 लीटर तक पानी की बचत की जा सकती है। प्रखर पांडेय का कहना है कि उसने बीटेक मेकेनिकल फाइनल ईयर प्रोजेक्ट के तौर इसको तैयार किया।
इसमें उनके गुरु प्रोफेसर अश्विनी शर्मा का मार्ग निर्देशन भी शामिल है। प्रखर ने बताया कि उसका यह प्रोजेक्ट 14 से 27 नवंबर तक प्रगति मैदान के ट्रेड फेयर में भी रखा गया था।
इसे लोगों ने काफी पसंद किया गया। मिनिस्टरी ऑफ स्मॉल एंड मिडियम इंटरप्राइजेज के अंतर्गत यह निर्मित किया गया है। अगर इसका इस्तेमाल आम तौर पर किया जाए तो देश भर के पानी की काफी बचत की जा सकती है।
टॉयलेट फ्लैश स्तरों पर काम करती हैं। इसमें मिडियम और हॉफ मोड दोनों शामिल है। बच्चा भी इसे अपने पैर से दबा कर चला सकता है।
आमतौर पर फ्लैश मोड़ पीछे की साइड में लगा होता है पर इसमें यह आगे की ओर है। आईटीएम की ओर से इसके लिए पेटेंट फाइल कर दिया गया है।