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अब आसान नहीं होगी आईटीआई की संबद्धता

Fri, 13 Dec 2013 11:37 AM IST
सचिन त्रिपाठी/लखनऊ
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मानक पूरे किए बगैर और उपकरणों की अनुपलब्धता पर निजी आईटीआई (औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान) की संबद्धता लेना अब आसान नहीं होगा।
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क्यूसीआई (क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया) के रूप में नई व्यवस्था लागू होने के बाद राज्यों की निगरानी की जाएगी। इसके तहत निजी आईटीआई के ऑनलाइन आवेदनों की स्थिति पर अब प्रशिक्षण एवं सेवायोजन विभाग नजर रखेगा।

अगर किसी निजी आईटीआई के आवेदन पर संदेह होता है तो उसकी जांच करने के बाद आवेदन पर आपत्ति लगा सकेगा। ऐसा होने पर निजी आईटीआई को डीजीईटी (डायरेक्टरेट जनरल एंप्लॉयमेंट एंड ट्रेनिंग) से मान्यता नहीं मिल पाएगी।
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निजी आईटीआई की संबद्धता सीधे भारत सरकार के अधीन काम कर रहे डीजीईटी देती है। मान्यता देने में राज्य का कोई रोल नहीं होता है। आईटीआई के लिए आवेदन करने के बाद डीजीईटी की टीम निगरानी के लिए आती है।

पर कई बार ऐसा देखा जाता है कि निजी आईटीआई प्रबंधक टीम को गुमराह करफर्जी दस्तावेज और भवन आदि दिखाकर मान्यता हासिल कर लेते हैं।

प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय की ओर से मार्च 2013 में हुई जांच में कई आईटीआई की पोल खुल चुकी है। निदेशालय के जांच अधिकारी ने आईटीआई की स्थिति को जानवरों के तबेले की तरह बताया था।

ऐसे में क्यूसीआई (क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया) उपयोगी साबित हो सकती है। क्यूसीआई में निजी आईटीआई के आवेदनों की स्थिति ऑनलाइन होगी।

प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय को इसकी लॉग इन आईडी और पासवर्ड दे दिया गया है। लॉग इन आईडी और पासवर्ड की सहायता से निदेशालय में आईटीआई आवेदनों की स्थिति देखी जा सकेगी।
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निजी आईटीआई के आवेदन पर 15 दिनों तक राज्य की ओर से कोई आपत्ति दर्ज न कराने पर यह माना जाएगा कि सब कुछ ठीकठाक है। दूसरी ओर आवेदन पर आपत्ति लगने की सूरत में दोबारा जांच की होगी। और गड़बड़ी मिलने पर मान्यता नहीं दी जाएगी।
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