औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) की परीक्षा में शामिल होने वाले स्टूडेंट्स के लिए अच्छी खबर है।
अगर वे आईटीआई के किसी सेमेस्टर में फेल हो जाते हैं तो उन्हें पांच बार परीक्षा देने का मौका मिलेगा।
अब तक स्टूडेंट्स के फेल होने की सूरत में केवल एक ही मौका दिया जाता था।
निजी आईटीआई संचालकों की मांग के बाद डायरेक्टरेट जनरल इंप्लायमेंट एंड ट्रेनिंग (डीजीईटी) ने चार और मौके दिए हैं।
बढे़ सभी प्रयासों की परीक्षा स्टूडेंट्स को पहले सेमेस्टर की परीक्षा में शामिल होने की तिथि से पांच साल के अंदर देनी होगी।
क्राफ्ट्समैन स्कीम के तहत चलने वाले आईटीआई के विभिन्न पाठ्यक्रमों मे पिछले साल से बदलाव किए गए हैं।
वार्षिक प्रणाली के बजाय आईटीआई में सेमेस्ट सिस्टम लागू किया गया।
सेमेस्टर सिस्टम में यह व्यवस्था है कि एक सेमेस्टर में फेल होने की सूरत में स्टूडेंट अगले सेमेस्टर में पहुंच जाता है।
इसके बाद उसे अगली बार पिछला सेमेस्टर पास करना होता था। इस तरह से स्टूडेंट्स को सेमेस्टर पास करने के लिए एक अतिरिक्त मौका मिल जाता था।
एक प्रयास में फेल हुए सेमेस्टर की परीक्षा पास न करने पर स्टूडेंट्स को आईटीआई की डिग्री नहीं मिल सकती थी।
इससे स्टूडेंट्स को काफी परेशानी हो रही थी। बीते साल हुई पहली सेमेस्टर परीक्षा में ही काफी स्टूडेंट्स फेल हो गए थे।
ऐसे में स्टूडेंट्स की ओर से निजी आईटीआई संचालकों ने डीजीईटी से सेमेस्टर परीक्षा पास करने के लिए प्रयास बढ़ाने का अनुरोध किया था।
इसको मानते हुए डीजीईटी के डिवीजनल डायरेक्टर आरएल सिंह ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है।
अब स्टूडेंट्स फेल होने की सूरत में पहले सेमेस्टर में शामिल होने की तारीख से पांच साल के अंदर पांच प्रयासों में किसी भी सेमेस्टर की परीक्षा दे सकेंगे।
नई व्यवस्था के तहत अगर किसी स्टूडेंट्स ने सेमेस्टर परीक्षा नहीं दी है तो भी उसे अगले सेमेस्टर में प्रमोट किया जा सकेगा।
इसकी शर्त होगी कि उसकी उपस्थिति कम से कम 80 फीसदी रही हो।
परीक्षा के लिए हॉल टिकट आदि भी ले चुका हो। ऐसे में उसे निदेशक की अनुमति से अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया जाएगा।
इसके बाद वह अगले साल पिछले सेमेस्टर की परीक्षा दे सकेगा।