आईटीआई (राजकीय औद्योगिक संस्थान) में एसएमएस हाजिरी शुरू कर दी गई है। कर्मचारियों और छात्रों की बंक की आदत रोकने के लिए यह व्यवस्था की गई है। अधिकारियों ने इसके जरिए व्यवस्थाएं सुधारने का दावा किया है।
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आईटीआई ने अब हाईटेक दौर में तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाने की कोशिश की है। नए साल के साथ ही आईटीआई ने एसएमएस हाजिरी शुरू कर दी है।
जल्द ही पूरे प्रदेश में होगी लागू
इसके तहत अब सभी कर्मचारियों, शिक्षकों और छात्र-छात्राओं की रोज की उपस्थिति एसएमएस के जरिए निदेशालय को भेजी जाएगी।
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फिलहाल इसे राज्य की 16 आईटीआई में ही लागू किया गया है। मगर जल्द ही इसे पूरे प्रदेश में लागू करने की योजना है।
बना है विशेष साफ्टवेयर
प्रधानाचार्य संजीव कुमार ने बताया कि खास तौर पर डिजाइन किए गए सॉफ्टवेयर के जरिए अब प्रदेश के हर आईटीआई पर नजर रखी जा सकेगी।
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निदेशक व अपर सचिव की पहल पर इसे लागू किया गया है। इस व्यवस्था के तहत कर्मचारियों और शिक्षकों की उपस्थिति प्रधानाचार्य या फोरमैन भेजेंगे, जबकि छात्रों की उपस्थिति का जिम्मा शिक्षकों को सौंपा गया है।
प्रधानाचार्य ने दावा किया कि इसके जरिए कई अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सकेगी। सही छात्र संख्या पता लगेगी और संस्थान फर्जी भर्ती नहीं दिखा पाएंगे।
कैसे करता है काम
आईटीआई में एसएमएस हाजिरी के लिए खास सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है। हाजिरी लगाने के लिए नियुक्त कर्मचारी का मोबाइल नंबर सॉफ्टवेयर में रजिस्टर किया जाएगा।
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हाजिरी के लिए रजिस्टर्ड नंबर से खास नंबर डायल करना होगा। इसके बाद सॉफ्टवेयर मोबाइल पर मैसेज भेजेगा, जिसमें उपस्थिति संबंधी विकल्प हैं। इन्हें रोल नंबर के हिसाब से भरकर भेजा जाएगा। सॉफ्टवेयर में पिछले तीन दिन की हाजिरी भी दर्ज करने के विकल्प दिए गए हैं।