यूपीटीयू में 44 कॉलेजों को संबद्धता मामले की जांच करने के लिए समिति ने जांच शुरू कर दी है। पूर्व न्यायाधीश आलोक कुमार सिंह की अध्यक्षता में गठित जांच समिति ने मंगलवार को विश्वविद्यालय पहुंचकर शुरुआती पड़ताल की।
जांच समिति ने आर्किटेक्चर कॉलेज के निदेशक प्रो. जगबीर सिंह द्वारा पूर्व रजिस्ट्रार यूएस तोमर को ज्वॉइन न करने पर नाराजगी जाहिर की।
यूपीटीयू के पूर्व रजिस्ट्रार यूएस तोमर पर आरोप है कि उन्होंने 44 कॉलेजों को सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित अंतिम तिथि के बाद संबद्धता जारी की। इसके लिए उन्होंने विश्वविद्यालय की फर्जी वेबसाइट का इस्तेमाल किया।
यही नहीं संबद्धता के लिए निर्धारित फीस भी उन्होंने विश्वविद्यालय के अकाउंट के बजाय फर्जी खाता खोलकर उसमें जमा करा ली थी। इससे 4500 स्टूडेंट्स का भविष्य खतरे में पड़ गया था।
कोर्ट में कॉलेजों के पक्ष में फैसला होने के बाद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आरके खांडल ने पूर्व न्यायाधीश आलोक कुमार सिंह की अध्यक्षता में जांच समिति का गठन करके इस मामले की जांच की शुरुआत की थी।
साथ ही यूएस तोमर पर अर्हता पूरी न करने के बावजूद पद पर काबिज रहने का आरोप लगाते हुए यूपीटीयू कुलपति ने प्राविधिक शिक्षा मंत्री से जांच कराने की मांग भी की थी।
प्राविधिक शिक्षा मंत्री शिवाकांत ओझा ने यूएस तोमर की अर्हता संबंधी जांच 44 कॉलेजों को संबद्धता की जांच कर रही समिति से ही कराने के लिए कहा था।
इन दोनों मामले की जांच करने जांच समिति मंगलवार को यूपीटीयू पहुंची। समिति ने पूर्व रजिस्ट्रार द्वारा कमरे पर ताला लगाने पर एतराज जाहिर किया।
साथ ही आर्किटेक्चर कॉलेज में अभी तक ज्वॉइन न करने पर समिति ने कॉलेज के निदेशक प्रो. जगबीर सिंह से यूएस तोमर के नाम नोटिस जारी करने को कहा।
माना जा रहा है कि अगले एक-दो दिन में जांच समिति यूएस तोमर को बुला सकती है।