अक्सर अच्छे या मेधावी छात्र पढ़ाई के लिए विदेशी विश्वविद्यालयों का रुख कर लेते हैं क्योंकि भारत की कोई भी यूनिवर्सिटी दुनिया की टॉप यूनिवर्सिटीज में शामिल नहीं है। लेकिन एक ताजा सर्वे ने इस मुगालते को तोड़ दिया है।
अगर क्यूएस वर्ल्डयूनिवर्सिटी रैंकिंग की मानें तो भारत की कोई यूनिवर्सिटी तो नहीं लेकिन, हमारे विश्चविद्यालयों के कुछ डिपार्टमेंट्स दुनिया के टॉप 100 में जगह बनाने में कामयाब हो गए हैं।
डेवलपमेंट स्टडीज के मामले में दिल्ली विश्वविद्यालय (Delhi University) भारत के 20 विश्वविद्यालयों में टॉप पर है। जबकि इसी विषय में ग्लोबल स्टेज पर डीयू 17वें स्थान पर है। भारत के 9 संस्थानों को 9 पाठ्यक्रमों के लिए टॉप 100 की सूची में जगह मिली है।
IIT मुंबई और IIT दिल्ली का ग्लोबल बोलबाला
वर्ष 2015 की ताजा विषय आधारित क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग बुधवार को प्रकाशित की गयी। इस अध्ययन में भारतीय विश्वविद्यालय 36 विषयों में अपने शानदार प्रदर्शन के चलते टॉप 100 में स्थान हासिल करने में कामयाब हुए हैं।
2015 के इस सर्वे में 6 नये पाठयक्रम (आर्चिटेक्टर, आर्ट और डिजाइन, बिजनेस स्टडीज, दन्त चिकित्सा, डेवलपमेंट स्टडीज और वेटेनरी साइंस) को शामिल किया गया है।
इन विषयों में भी भारतीय यूनिवर्सिटी के विभागों को दुनिया के टॉप 100 विश्वविद्यालयों में जगह मिली है। इतना ही नहीं आईआईटी मुंबई के 8 डिपार्टमेंट्स टॉप 100 में जगह बनाने में कामयाब हुए हैं।
नए पाठ्यक्रमों में भी संस्थानों ने लगाई छलांग
दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के एक विषय जबकि आईआईटी दिल्ली के 5 विभागों को टॉप 100 में स्थान मिला। ये दिल्ली विश्वविद्याल के पिछले चार वर्षों की तरक्की का बड़ा नमूना है।
डीयू के मीडिया कॉर्डिनेटर मलय नीरव के मुताबिक पाठ्यक्रमों की रैंकिंग में सुधार हुआ है। अगर हम इसे जारी रखें तो अगले साल इससे बेहतर स्थान हासिल कर सकते हैं।
नये विषय आर्ट और डिजाइन के शामिल किए जाने के चलते शानमुघा आर्टस साइंस टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च ऐकेडमी, थानजावर टॉप 100 में जगह मिली है।
दक्षिण भारतीय विश्वविद्यलयों ने भी दिखाया दम
इसके अलावा मैटेरियल साइंस, इलेक्ट्रीकल और इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, बैंगलुरू को भी इस सूची में रखा गया है।
दिल्ली आईआईटी स्ट्रक्चरल, इलेक्ट्रीकल और इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग के अलावा मैकेनिकल एयरोनॉटिकल, मैनुफैक्चरिंग इंजीनियरिंग और कम्प्यूटर साइंस जैसे पाठ्यक्रमों को लेकर भी टॉप 100 में है। हालांकि बिजनेस और मैनेजमैंट स्टडीज में कोई भी बी-स्कूल जगह बनानें में नाकाम रहा है।