आईआईटी समेत इंजीनियरिंग संस्थानों में एमटेक दाखिले, पीएचडी और पीएसयू कंपनियों में नौकरी के लिए जरूरी ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (गेट) का स्कोर अब तीन साल के लिए वैध रहेगा। स्कोर की वैधता एक साल के लिए बढ़ा दी गई है।
गेट-2015 का आयोजन 31 जनवरी से 14 फरवरी 2015 के बीच हर पांच दिन के अंतराल में कराया जाएगा। 12 मार्च 2015 को रिजल्ट जारी होने के बाद अगले तीन साल तक छात्र गेट स्कोर का इस्तेमाल कर सकते हैं।
गेट के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 1 सितंबर से शुरू होंगे। इस साल आयोजित गेट-2014 में पहले सभी 22 पेपर ऑनलाइन (कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट) के रूप में आयोजित कराए गए थे।
यह प्रक्रिया बरकरार रहेगी। गेट में बीटेक, बीआर्क, बीफार्मा, एमसीए, एमए मैथ्स, एमएससी के फाइनल ईयर के छात्र समेत कई अन्य टेक्निकल मास्टर कोर्स के छात्र शामिल होते हैं।
रजिस्ट्रेशन में बदलाव
देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षा में एक और खास बदलाव किया गया है। पूरी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गई है। छात्रों को आवेदन के वक्त अपने जरूरी सर्टिफीकेट और संबंधित डोक्यूमेंट ऑनलाइन अपलोड करने होंगे। अब एप्लीकेशन फॉर्म की हार्डकॉपी डाक के जरिए भेजने की जरूरत नहीं होगी।
गेट 2014 की स्थिति
गेट-2014 परीक्षा में कुल 10 लाख 33 हजार 625 अभ्यर्थियों (30.17 फीसदी छात्राएं) ने आवेदन किया था। इनमें से 8 लाख 89 हजार 156 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए, जिनमें से 1 लाख 49 हजार 694 (16.84 फीसदी) छात्र पास हुए। कुल 31 हजार 431 यानी 21 फीसदी लड़कियां पास हुई।
गेट 2015 का परीक्षा कार्यक्रम
रजिस्ट्रेशन शुरू - 1 सितंबर
अंतिम तिथि - 1 अक्तूबर
परीक्षा केंद्र में बदलाव - 21 नवंबर
एडमिट कार्ड जारी - 17 दिसंबर
गेट एग्जाम - 31 जनवरी, 1-7-8-14 फरवरी
गेट एग्जाम शिफ्ट - 9-12 व 2-5 बजे
रिजल्ट - 12 मार्च