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SFI के बाद एबीवीपी ने भी शुरू किया अनशन

Tue, 09 Sep 2014 12:03 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रदेश सरकार के फीसों में बढ़ोतरी और एससीए चुनाव पर रोक लगाने के फैसले विरोध में एसएफआई ने दसवें रोज भी अपना क्रमिक अनशन जारी रखा। सोमवार को अनशन पर विधि विभाग के मोहित संरोली, पंकज नेगी और हितेश मेहता बैठे।
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अब तक इस अनशन पर 24 छात्र और 6 छात्राएं बैठ चुकी है। एसएफआई की विवि इकाई अध्यक्ष सुरेश कुमार और सचिव होशियार सिंह ने कहा कि विवि प्रशासन के साथ प्रदेश सरकार भी आंदोलन पर बैठे इन छात्रों की सुध नहीं ले रही है।

उन्होंने कहा कि मंगलवार को एसएफआई इन दोनों छात्र विरोधी फैसलों के खिलाफ पांच घंटे का धरना देगी और प्रदर्शन करेगी। इससे सरकार की संवदेनहिनता साफ नजर आती है। उन्होंने कहा कि सरकार और विवि आम छात्रों से शिक्षा का अधिकार छीन कर इसका निजीकरण करने पर आमादा है।
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उन्होंने कहा कि इन फैसलों को वापस लेने के लिए एसएफआई विवि प्रशासन को आंदोलन तीखा कर वापस लेने पर मजबूर करेगी। आने वाले समय में यह आंदोलन और उग्र किया जाएगा, जिसके लिए विवि प्रशासन जिम्मेदार होगा।

एबीवीपी ने शुरू किया अनशन
फीस बढ़ोतरी और एससीए चुनाव पर रोक के विरोध में सोमवार को एबीवीपी ने एचपीयू में आंदोलन तेज कर दिया है। विश्वविद्यालय इकाई ने सोमवार को परिसर में रैली निकाली और पुस्तकालय के बाहर प्रदर्शन किया।

एबीवीपी ने इस दौरान इन दोनों फैसलों के विरोध में सोमवार से क्रमिक अनशन भी शुरू किया। छात्र नेताओं ने कहा कि यह अनशन इन फैसलों के वापस लिए जाने तक जारी रहेगा। जरूरत पड़ने पर एबीवीपी इसके विरोध में आमरण अनशन शुरू करेगी।

एबीवीपी की विवि इकाई ने पूरे परिसर में हर विभाग की कक्षाओं में जाकर इन फैसलों के विरोध में एकजुट होने की अपील कर कक्षाओं के बहिष्कार का आह्वान किया। इसके बाद आर्ट्स ब्लॉक से एबीवीपी की विरोध रैली शुरू हुई जो पुस्तकालय के बाहर तक गई।
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