हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के शिक्षक और कर्मचारी भी सरकार से सेवा विस्तार की मांग कर रहे हैं।
यूनिवर्सिटी शिक्षक संघ (हपुटा) ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से मुलाकात कर मांग की है कि एचपीयू से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों, शिक्षकों और गैर शिक्षकों को भी एक साल का सेवा विस्तार दिया जाए।
संघ के अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र गुप्ता और महासचिव डॉ. जोगेंद्र सिंह ने कहा कि सेवा विस्तार मिलने पर कर्मचारी यूजीसी द्वारा तय 60 साल की सेवा की बजाय 61 साल तक सेवाएं दे सकेंगे।
संघ ने दावा किया है कि उन्हें मुख्यमंत्री से शीघ्र ही कोई फैसला लेने का आश्वासन मिला है। वर्तमान में एचपीयू में करीब 235 शिक्षकों के पद रिक्त हैं। गैर शिक्षकों के 333 पद रिक्त हैं।
वहीं, हर महीने एचपीयू से करीब 8 शिक्षक और इतने ही गैर शिक्षक रिटायर हो रहे हैं। सरकार ने हरी झंडी दी तो कर्मचारियों की किल्लत झेल रहे एचपीयू को बड़ी राहत मिलेगी।
मगर यह फैसला सरकार को लेना है कि सेवा विस्तार देना है या नहीं। गौरतलब है कि सरकार ने कई विभागों में सेवानिवृत्ति की आयु एक साल बढ़ा दी है।