एचपी यूनिविर्सिटी ने बीसीए की परीक्षा में जो सवाल पूछे वह सिलेबस के बाहर से लिए गए थे। ऐसे में अब खामियाजा हजारों छात्रों को भुगतना होगा।
हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपनी गलती तो मान ली है लेकिन जो अंक ग्रेस के तौर पर दिए जा रहे हैं वह भी नाकाफी है। विवि में हाल ही में बीसीए अंतिम वर्ष की डॉटा बेस मैनेजमेंट सिस्टम(पेपर कोड 303) विषय की परीक्षा हुई थी।
मगर छात्रों की शिकायत थी कि इसमें 35 से अधिक अंक वाले ऐसे प्रश्न पूछे गए थे जो कि सिलेबस से ही नहीं थे।
पांच अंकों की मिली ग्रेस
छात्रों ने जब इसका विरोध किया और प्रशासन के समक्ष अपना पक्ष रखा तो विश्वविद्यालय ने अब सिर्फ पांच अंक की ग्रेस छात्रों को देने का फैसला किया है।
इस कक्षा के छात्रों की गणित पेपर कोड 301 में भी दस अंक के प्रश्न सिलेब्स के बाहर से पूछे जाने की शिकायत छात्रों ने की थी, इसमें कोई ग्रेस नहीं दी गई है।
ऐसे में प्रदेश भर अधिकतर बड़े कालेजों के बीसीए फाइनल की परीक्षा में बैठे छात्रों का परीक्षा परिणाम डीबीएमएस पेपर के कारण प्रभावित हो सकता है। ग्रेस अंक पर फैसला लेने में समय लगना ही बीसीए फाइनल का परिणाम देरी से घोषित होने की वजह भी बताई जा रही है।
हजारों छात्रों का भविष्य होगा खराब
विश्वविद्यालय द्वारा इस परीक्षा में छात्रों को दिए गए सिर्फ पांच अंक के ग्रेस मार्क्स से बहुत से छात्र इस विषय में अच्छे अंक नहीं ले पाएंगे, या उनकी इस विषय में कंपार्टमेंट भी आ सकती है।
छात्र ग्रेस अंक को बहुत कम बता रहे है, उनका कहना है कि विवि की गलती रही कि प्रश्न बाहर से पूछे गए, इसलिए इस परीक्षा को दोबारा करवाए जाने की मांग भी उठाई गई थी। छात्रों के साथ ही इस विषय के शिक्षकों ने भी परीक्षा के दौरान माना था कि पहला, दूसरा और चौथा प्रश्न पूरी तरह से सिलेब्स के बाहर से आया था।
विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्याम लाल कौशल ने माना कि बीसीए के डाटा बेस मैनेजमेंट सिस्टम विषय की परीक्षा में सिलेब्स के बाहर से प्रश्न पूछे गए थे। इसको देखते हुए छात्रों को पांच अंक की ग्रेस इस विषय में दी गई है।