दिसंबर में बीएड की परीक्षाएं शुरू होनी हैं और एचपीयू ने ऑनलाइन परीक्षा फार्म भरने की प्रक्रिया शुरू नहीं की है। अभी तक नए सत्र में हुए एडमिशन की वेरिफिकेशन कई कॉलेज नहीं करवा सके हैं। इस लापरवाही का खामियाजा छात्रों को परीक्षा से वंचित होकर भी भुगतना पड़ सकता है। इधर, सूत्र बताते हैं कि कुछ निजी कॉलेजों ने प्रवेश पात्रता में छूट दिए जाने के सरकार के फैसले से पहले ही छात्रों को प्रवेश दे दिया।
शिक्षा विभाग के चेयरमैन (एचपीयू) से नियमों में प्रवेश तिथि समाप्त होने के दो दिनों के भीतर कॉलेजों को वेरिफिकेशन करवाना जरूरी होता हे। उसके बाद ही परीक्षा फार्म भरे जा सकते हैं। अभी तक विश्वविद्यालय के अपने बीएड संस्थान और धर्मशाला में शिक्षा विभाग के संस्थान के अलावा सिर्फ 39 निजी बीएड कॉलेजों ने ही वेरिफिकेशन करवाई है। एचपीयू के शिक्षा विभाग ने निजी कॉलेजों को 23 नवंबर तक की वेरिफिकेशन की समय सीमा तय की थी।
निजी कॉलेजों की वेरिफिकेशन करवाने में की जा रही देरी के कारण विवि से संबद्ध कुल 74 कॉलेजों में से शेष बचे 33 निजी कॉलेजों के छात्रों को ऑनलाइन परीक्षा फार्म भरने में मुश्किल पेश आना तय है। इधर, विश्वविद्यालय जल्द परीक्षा फार्म भरने को ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू कर सकता है।
इन हालात में बिना वेरिफिकेशन के कैसे इन निजी कॉलेजों में पढ़ रहे छात्रों के फार्म भरे जाएंगे। इसको लेकर स्थिति साफ नहीं है। निजी बीएड कॉलेज एचपीयू शिक्षा विभाग के दिशा निर्देशों के साथ ही सीधे तौर पर एनसीटीई के नियमों की भी अनदेखी कर रहे हैं।
चेयरमैन ने प्रवेश तिथि बढ़ाने में जताई असमर्थता- एचपीयू शिक्षा विभागाध्यक्ष (चेयरमैन) ने प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर 6 नवंबर को बीएड में बिना प्रवेश परीक्षा वालों को भी मेरिट आधार पर प्रवेश देने के आदेशों पर अमल करने में असमर्थता जताई है।
21 नवंबर को अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा को लिखे पत्र में चेयरमैन प्रो. सुदर्शना राणा ने साफ किया है कि इसमें एनसीटीई के नियमों 2014 की अनदेेखी होगी। प्रवेश प्रक्रिया, अकेडमिक कलेंडर, और सेमेस्टर परीक्षा के लिए आवश्यक सौ दिन की हाजिरी जैसे एनसीटीई नियमों का हवाला देने हुए पत्र में कहा गया है कि प्रवेश की तिथि को नहीं बढ़ाया जा सकता है।
परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्याम लाल कौशल ने कहा कि कॉलेजों को एडमिशन वेरिफिकेशन के लिए दी गई समय सीमा समाप्त हो चुकी है। अब जल्द ऑनलाइन फार्म भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। विवि को हर हाल में सेमेस्टर सिस्टम के तहत दिसंबर में परीक्षाएं शुरू करनी हैं।