हिमाचल में प्रशासनिक सेवाओं की सबसे बड़ी परीक्षा एचएएस के साक्षात्कार में जब गांवों में पढे़-लिखे उम्मीदवारों से अंग्रेजी में सवाल पूछे जाते तो वे जवाब ठीक से नहीं दे पाते थे। वजह थी अंग्रेजी में कमजोर होना। वे सही जानकारी होने पर या तो हिचकिचाकर जवाब देते या फिर उनकी अंग्रेजी गलत होती। ऐसे में उम्मीदवार नर्वस हो जाते।
पर अब ऐसा नहीं है। गांवों के स्कूलों, कॉलेजों में हिंदी माध्यम से पढ़े उम्मीदवार भी अब फर्राटे से जवाब दे रहे हैं। उन्हें ऑप्शन दिया जाता है कि उन्होंने हिंदी में जवाब देना है या अंग्रेजी में। उनसे उन्हीं की पसंदीदा भाषा में प्रश्न किए जाते हैं। आयोग की कार्यशैली के सरलीकरण की प्रक्रिया जारी है। वर्ष 2017 में होने वाली एचएएस की परीक्षा में काफी बदलाव हो जाएंगे।
ये बदलाव आईएएस की परीक्षा की तर्ज पर होने जा रहे हैं। इसका लाभ यह भी होगा कि एचएएस के साथ-साथ ही अभ्यर्थी आईएएस परीक्षा की तैयारी भी कर सकेंगे और पहले ऐसा नहीं था। दोनों की तैयारियां अलग-अलग तरीके से होती थीं।
एक अन्य बदलाव यह किया गया है कि सामान्य ज्ञान की परीक्षा में लगभग एक तिहाई सिलेबस हिमाचल प्रदेश से ही संबंधित होगा। यानी इसमें हिमाचल प्रदेश के सांस्कृतिक, भौगोलिक, ऐतिहासिक, राजनीतिक आदि तमाम पहलुओं पर प्रश्न पूछे जाएंगे।