यूथ फेस्टिवल और खेल प्रतियोगिताएं के चलते एचपीयू को इस बार यूजी परीक्षा शेड्यूल बदलना पड़ सकता है। प्रदेश राजकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ (हेगटा) ने कुलपति को बाकायदा पत्र लिखकर तय 15 अक्तूबर से किसी भी सूरत में परीक्षाएं करवाने में पेश आ रही दिक्कतों को गिनाया है।
इन तमाम समस्याओं को देखते हुए हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय को यूजी डिग्री कोर्स के पहले, तीसरे और पांचवें सत्र की अक्तूबर 15 से तय की गई परीक्षाओं के शेड्यूल को बदलना पड़ सकता है। इस पूरे मामले को लेकर कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी के आदेशों पर मंगलवार को विवि में कॉलेज शिक्षक संघ के साथ परीक्षा नियंत्रक और परीक्षा विंग के अधिकारियों की अहम बैठक होगी।
इसी में साफ होगा कि शेड्यूल को बदला जाएगा या नहीं। अप्रैल माह में होने वाली पहले बैच के छठे सेमेस्टर की परीक्षा का समय भी बदलना पड़ सकता है। मामला हजारों छात्रों के भविष्य से जुड़ा है। जो अगले सत्र में जून में अपनी डिग्री पूरी करेंगे, उन्हें पीजी कक्षाओं में प्रवेश से पहले परिणाम और डिग्री देनी पड़ेगी।
विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्याम लाल कौशल ने माना कि कॉलेज प्राचार्य और शिक्षकों की ओर से कुलपति के समक्ष परीक्षा शेड्यूल बदल नवंबर में पीजी कक्षाओं के साथ परीक्षा करवाने की मांग उठाई गई है।
चर्चा के बाद लिया जाएगा फैसला
परीक्षा नियंत्रक और परीक्षा विंग के अधिकारियों के साथ शिक्षकों की होने वाली बैठक में यूजी सेमेस्टर की परीक्षाएं नवंबर माह में करवाने, ईसी के फैसले के मुताबिक सेमेस्टर परीक्षा के अंक अनुपात 70:30 करने, दो टर्म टेस्ट की जगह सेमेस्टर में एक टेस्ट करवाने, हॉबी विषयों की परीक्षा सेमेस्टर के साथ न करवाकर इसे इंटरनल करवाना और इसमें व्यवहारिक विषयों को शामिल करने जैसे फैसलों को लागू करवाने पर भी चर्चा कर विवि प्रशासन की मंजूरी के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
संभव नहीं हैं परीक्षाएं
हिमाचल प्रदेश राजकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ के महासचिव डा. राम लाल शर्मा, कॉलेज प्राचार्य संघ के अध्यक्ष प्रो. आरपी चौपड़ा, सचिव डा. जेएस नेगी, आनी कॉलेज प्राचार्य आरके कायस्थ ने कहा कि इस बार सात अगस्त तक प्रवेश का दौर चला, इसके साथ ही कॉलेजों में अप्रत्यक्ष एससीए मनोनयन जैसी अन्य गतिविधियां भी हुई हैं। सिलेबस 15 अक्तूबर तक पूरा करना मुश्किल होगा।