फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पंजाब यूनिवर्सिटी के गेस्ट टीचरों के लिए खुशखबरी

Thu, 24 Apr 2014 02:13 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन अब गेस्ट फैकल्टी में नियुक्त शिक्षकों के नियमों में बदलाव करने की तैयारी कर रहा है। पीयू हर साल डिपार्टमेंट ऑफ इवनिंग स्टडीज और यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (यूसोल) में गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति करता है। हर साल गेस्ट फैकल्टी बदले जाने को लेकर हमेशा ही विवाद रहता है।
विज्ञापन


इस मामले में एक कैंडीडेट विवेक कुमार पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट पहुंच गए थे। कोर्ट ने गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति को लेकर पीयू प्रशासन को ठोस पॉलिसी बनाने के निर्देश दिए हैं। पीयू कुलपति ने 11 फरवरी 2014 को नौ सदस्यों की एक कमेटी इस मामले में गठित कर दी।

कमेटी की रिपोर्ट 26 अप्रैल को होने वाली सिंडीकेट बैठक में पेश की जाएगी। जानकारी के अनुसार कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में गेस्ट फैकल्टी को हर साल नहीं बदलने का फैसला लिया है।
विज्ञापन


साथ ही गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति के मापदंड भी तैयार किए गए हैं। पीयू सिंडीकेट में गेस्ट फैक्लटी के तौर पर युवाओं को मौका दिए जाने को लेकर मुद्दा उठ सकता है।

गेस्ट फैकल्टी को लेकर नए नियम
- हर साल गेस्ट फैकल्टी नहीं बदली जाएगी
- गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति चेयरमैन, वीसी नॉमिनी और तीन एक्सपर्ट करेंगे
- चेयरपर्सन गेस्ट फैकल्टी सदस्यों के काम की रिपोर्ट अकेडमिक और एडमिनिस्ट्रेटिव कमेटी के पास भेजेंगे
- पीयू के स्थायी प्रोफेसर, कालेज से भी नियुक्त किया जा सकेंगे गेस्ट शिक्षक
- रेगुलर शिक्षकों को विभागाध्यक्ष से गेस्ट फैकल्टी में आने के लिए लेनी होगी एनओसी

चेहतों को रखते हैं गेस्ट फैकल्टी में
पंजाब यूनिवर्सिटी का इवनिंग विभाग हो या फिर यूसोल दोनों जगह गेस्ट फैकल्टी के तौर पर ऐसे शिक्षकों को नियुक्त किया जाता है जो पहले से ही कहीं नौकरी कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार विभाग में ऐसे शिक्षक हैं जिनके रिश्तेदारों से लेकर कालेज और अन्य संस्थानों में पढ़ाते हैं।

गेस्ट फैकल्टी के तौर पर पीयू में एक लेक्चर के 500 से 1000 रुपये दिए जाते हैं। पीयू अधिकारियों और शिक्षकों को रिश्तेदारों को गेस्ट फैकल्टी लगाए जाने का कई बार विरोध हो चुका है। शहर के गवर्नमेंट कॉलेज से भी गेस्ट टीचर्स के तौर पर प्रोफेसर हर रोज शाम को पढ़ाने आते हैं।

पीयू स्टूडेंट काउंसिल प्रधान चंदन राणा का कहना है कि गेस्ट फैकल्टी के तौर पर पीयू से जेआरएफ और पीएचडी करने वाले युवाओं को मौका दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को पीयू प्रशासन के सामने उठाया जाएगा।
विज्ञापन

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें