झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले और मजूदरी करने वाले 2,200 बच्चों को पढ़ाई का मौका मिलेगा।
श्रम विभाग की ओर से सोमवार को इन बच्चों के लिए बाकायदा कार्यक्रम का आयोजन करके बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में भर्ती कराया जाएगा।
नेहरू युवा केंद्र पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम में उप श्रम आयुक्त के साथ ही मुख्य विकास अधिकारी और शिक्षा विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
लखनऊ में झुग्गी-झोपड़ियों में काफी बच्चे रहते हैं। ये बच्चे स्कूल जाने में दिलचस्पी नहीं दिखाते। इसी तरह श्रम विभाग की ओर से बाल मजदूरी करने वाले बच्चे भी पकड़े जाते हैं।
निजी संस्थाओं की सहायता से ऐसे बच्चों के लिए श्रम विभाग विशेष कक्षाएं चलाता है। इस समय लखनऊ में ऐसे 46 स्कूल चल रहे हैं, जिनमें झुग्गी-झोपड़ी निवासी और बाल श्रमिकों की कक्षाएं चलाई जाती हैं।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत बच्चों को उनकी आयुसंगत कक्षा में दाखिला दिया जाना होता है। ऐसे में श्रम विभाग के सहयोग से चलने वाले इन स्कूलों में इन बच्चों को प्री ट्रेनिंग दी जाती है।
उप श्रम आयुक्त जीएन श्रीवास्तव के अनुसार हम लोगों का प्रयास है कि बच्चे समाज की मुख्य धारा में शामिल हों।
पिछले साल 2200 बच्चों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने का काम किया गया है। इस साल भी यह अभियान चलता रहेगा।