डीयू में कम अंकों के कारण स्नातक कोर्स में दाखिला नहीं ले पा रहे हैं तो अब भी छात्रों के पास कम अंक पर भी कॉलेजों में दाखिला लेने का विकल्प मौजूद है।
छात्रों को यह अवसर दे रहे हैं कॉलेजों में चलने वाले विदेशी भाषा शॉर्ट टर्म कोर्सेज। जहां कुछ कॉलेजों में इनके लिए दाखिला प्रक्रिया शुरू होने वाली है। कॉलेज भी मानते हैं कि दिनों दिन इन शॉर्ट टर्म कोर्सेज को लेकर क्रेज बढ़ता जा रहा है।
डीयू के विभिन्न कॉलेजो में विदेशी भाषाओं जर्मन, स्पैनिश, फ्रेंच व रशियन के लिए सर्टिफिकेट व डिप्लोमा कोर्स चलाए जाते हैं। महज 45 फीसदी अंकों पर भी इन कोर्सेज में दाखिला लिया जा सकता है।
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मिरांडा कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. प्रतिभा जौली कहती हैं कि एक साल की अवधि वाले इन कोर्सेज के लिए प्रोसेस शुरू हो चुका है। वह कहती हैं कि इन कोर्सेज को छात्र हाथों हाथ लेते हैं।
डीयू विशेषज्ञों की माने तो बड़ें कॉरपोरेट हाउसेज में द्विभाषियों की बढ़ती मांग इसका एक बड़ा कारण है। इसके अलावा अब बीपीओ, बैंकिंग सेक्टर के आ जाने से और ज्यादा बढ़ गई जिसका नतीजा है कि यह पाठ्यक्रम युवाओं को आकर्षित कर रहे हैं। लैंग्वेज कोर्स के चलते छात्र पांच से आठ लाख रुपये तक का सालाना सैलरी पैकेज पा रहे हैं।
इन कॉलेजों में लैंग्वेज कोर्सेज
हंसराज कॉलेज- फ्रेंच व जर्मन में सर्टिफिकेट, डिप्लोमा व एडवांस डिप्लोमा।
हिंदू कॉलेज- फ्रेंच, जर्मन, स्पैनिश, रशियन में सर्टिफिकेट कोर्स।
मिरांडा हाउस- फ्रेंच, जर्मन, स्पैनिश व रशियन में सर्टिफिकेट।
इंद्रप्रस्थ कॉलेज- फ्रेंच, जर्मन, स्पैनिश में सर्टिफिकेट व स्पेनिश में डिप्लोमा।
एसजीटीबी खालसा- जर्मन, स्पैनिश में सर्टिफिकेट कोर्स।
सीवीएस- फ्रेंच, जर्मन में सर्टिफिकेट, डिप्लोमा कोर्स।
डीसीएसी- फ्रेंच, जर्मन, स्पैनिश व रशियन में सर्टिफिकेट कोर्स।
दयाल सिंह कॉलेज- फ्रेंच, जर्मन, रशियन में सर्टिफिकेट, डिप्लोमा।
गार्गी कॉलेज- जर्मन, रशियन में सर्टिफिकेट, डिप्लोमा कोर्स।
देशबंधु कॉलेज- रशियन में सर्टिफिकेट कोर्स।
कमला नेहरू कॉलेज- फ्रेंच में सर्टिफिकेट, डिप्लोमा कोर्स।