डीएवी में गुरुवार को मतदान समाप्त होने से कुछ क्षण पूर्व माहौल में तब तनाव बढ़ गया, जब एक एनएसयूआई कार्यकर्ता पर बैलेट पेपर में स्याही फैलाने का आरोप लगा।
दोपहर 2:45 बजे लॉ विभाग की ओर एक बूथ पर एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। उनका कहना था कि यहां मौजूद एक एनएसयूआई कार्यकर्ता बैलेट पेपर पर छात्रों के किसी अन्य प्रत्याशी के नाम के आगे मुहर लगाते ही हाथ से स्याही फैला रहा है, ताकि वोट रिजेक्ट हो जाए।
पढ़ें, डीएवी में आज पेटियों से निकलेगी जीत
इस दौरान किसी ने आरोपी छात्र को थप्पड़ जड़ दिया तो एनएसयूआई कार्यकर्ता भी विरोध में उतर आए। मौके पर तैनात पुलिस ने बीचबचाव कर मामला शांत किया। इसके बाद यहीं एक और बूथ पर छात्रों के बीच हल्की झड़प हुई। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी से विवाद बढ़ा नहीं।
‘छुट्टी’ के मूड में नजर आए शिक्षक
छात्रसंघ चुनाव के बावजूद डीएवी कॉलेज के शिक्षकों का रवैया लापरवाह नजर आया। अधिकतर शिक्षक छुट्टी के मूड में दिखे। शिक्षकों की कमी, गैरहाजिरी और सुस्ती की वजह से कॉलेज प्रशासन को व्यवस्था बनाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
छात्रसंघ चुनाव में मतगणना सुबह नौ बजे से दो बजे तक होनी थी। इसके लिए शिक्षकों को आठ बजे से बूथों पर ड्यूटी शुरू करनी थी।
पढ़ें, एसजीआरआर लाइव: काफी संख्या में पहुंच रहे छात्र
कई शिक्षक तो तय समय पर आ गए, लेकिन कई गैरहाजिर रहे और कई देरी से पहुंचे। ऐसे में कॉलेज प्रशासन को ड्यूटी लगाने में खासी परेशानी हुई। माइक पर बार-बार एनाउंसमेंट के बाद शिक्षक बूथों पर पहुंचे। इसके बाद 09:53 बजे से मतगणना शुरू हुई, जो तीन बजे तक चली।
कॉलेज प्राचार्य डा. देवेंद्र भसीन ने अव्यवस्था से इनकार किया। उनका कहना था कि मतगणना के लिए फुलप्रूफ मैनेजमेंट बनाने में देरी हुई। उधर, मुख्य चुनाव अधिकारी डा. गोपाल क्षेत्री ने बेहद शायराना अंदाज में कहा, ‘खामोश रहूं तो मुश्किल है, कुछ बोलो तो शिकायत होती है।’
फेसबुक पर अपनी राय देने के लिए यहां क्लिक करें