पढ़ने की कोई उम्र नहीं होती, इस बात को सच कर दिखाया है मुरादनगर के उखलारसी गांव के एक व्यक्ति ने। यहां रहने वाले 47 वर्षीय सुंदर लाल और उनका बेटा आकाश तीन मार्च से शुरू हुई यूपी बोर्ड की परीक्षा में एक साथ शिरकत कर रहे हैं।
यह भी पढ़ें:...तो एक साथ क्लास कर सकेंगे पूरे देश के छात्र
दिल्ली वन विभाग में माली के पद पर तैनात सुंदर लाल ने बताया कि उन्होंने 1982 में दसवीं की परीक्षा दी थी, लेकिन वह फेल हो गए थे और परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण उनकी पढ़ाई छूट गई थी।
शादी होने के बाद वह बच्चों की परवरिश और परिवार की जिम्मेदारियों से घिर गए इसलिए आगे की पढ़ाई के बारे में सोचने का मौका ही नहीं मिला।
यह भी पढ़ें:बच्चों के साथ पैरेंट्स ने रैम्प पर बिखेरा जलवा
लेकिन दसवीं पास नहीं होने के कारण सुंदर लाल का प्रमोशन नहीं हो पा रहा था। प्रमोशन के लिए सुंदर लाल ने दसवीं पास करने की ठानी और हाईस्कूल का परीक्षा फार्म हंस इंटर कालेज से भर दिया।
खास बात यह है कि सुंदर का 16 वर्षीय पुत्र आकाश भी एमपीएस स्कूल में दसवीं कक्षा का छात्र है उसका सेंटर आयुध निर्माणी परिसर स्थित केंद्रीय विद्यालय में है। पिता की परीक्षा की तैयारी कराने में पूरा परिवार जुटा हुआ है। इसके चलते परिवार में शैक्षिक माहौल बना है।