गुरुवार को मतदान के दौरान डीएवी पीजी कॉलेज में फर्जी वोटरों ने भी घुसने की कोशिश की, लेकिन वे पकड़ में आ गए। 42 फर्जी वोटरों को पकड़कर आईकार्ड जब्त कर लिए गए।
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मतदान शुरू होने के एक घंटे बाद पहली छात्रा पकड़ में आई। उसके आईकार्ड पर कंप्यूटराइज्ड फोटो की जगह दूसरी फोटो लगी थी। मौके पर मौजूद शिक्षिकाओं ने आईकार्ड जब्त कर लिया। इसके बाद दिनभर कुल 42 आईकार्ड जब्त किए गए। इनमें से चार पर कॉलेज की फर्जी मुहर लगी थी।
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चीफ प्राक्टर डा. कौशल कुमार ने बताया कि आईकार्ड लाने वाले छात्रों को दस सितंबर को कॉलेज में तलब किया गया है। हालांकि यह फर्जी छात्र कॉलेज आएंगे, यह कहना मुश्किल है। उन्होंने बताया कि आईकार्डों पर लगी मुहर कॉलेज से मिलती-जुलती जरूर थी लेकिन शिक्षकों की बारीक नजरों ने इसे पकड़ लिया।
फोटोयुक्त वोटर लिस्ट आई काम
फर्जी वोटरों को पकड़ने में फोटोयुक्त वोटर लिस्ट ने शिक्षकों की बड़ी मदद की। डीएवी कॉलेज प्रशासन ने इस दफा पहली बार ऐसी व्यवस्था की थी। इससे गेट पर तैनात शिक्षकों को भीतर घुसने वाले हर छात्र-छात्रा की तस्वीर मिलाने की सहूलियत रही।
बैरंग लौटे 80 छात्र
मतदान के दौरान 80 छात्रों को बैरंग लौटना पड़ा। उनके पास आईकार्ड तो थे, लेकिन उनकी तस्वीरों पर न तो मुहर लगी थी न ही आईकार्ड पर सक्षम अधिकारी (शिक्षक) के हस्ताक्षर। ऐसे में उन्हें वोट देने की अनुमति नहीं दी गई।
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