छात्र की मौत के तीन महीने बाद प्रिंसिपल को विद्यालय में कंडोलेंस घोषित करने की याद आई। वो भी तब जब थोड़ी देर में विद्यालय में फर्जी पंजीकरण की जांच के लिए जांच टीम आने वाली थी।
छात्र के नाम पर यह बहानेबाजी शुक्रवार को विकासखंड माल के चंद्रशेखर आजाद इंटर कॉलेज गहदेव में बनाई गई। यूपी बोर्ड में फर्जी पंजीकरण की जांच के लिए जिला अधिकारी की ओर से गठित टीम ने शुक्रवार को चंद्रशेखर आजाद इंटर कॉलेज के साथ ही नन्हेसिंह स्मारक, कुंवर आसिफ अली संजू मियां का निरीक्षण किया।
विद्यालयों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके, इसके लिए जिला अधिकारी ने फर्जी पंजीकरण की जांच के लिए एसडीएम, सीओ और एसोसिएट डीआईओएस की अध्यक्षता में जांच टीम गठित की थी।
शुक्रवार को एसडीएम संजीव कुमार, सीओ श्यामाकांत त्रिपाठी और एसोसिएट डीआईओएस हिफुर्जरहमान की जांच टीम निरीक्षण पर निकली। सबसे पहले टीम नन्हेसिंह स्मारक इंटर कॉलेज पहुंची।
इस दौरान एक बार फिर से पुराना नजारा देखने को मिला। पंजीकरण के मुकाबले 10 प्रतिशत स्टूडेंट भी मौके पर नहीं मिले। इस पर जांच टीम ने विद्यालय प्रिंसिपल को जमकर लताड़ लगाई।
इसके बाद टीम ने चंद्रशेखर आजाद इंटर कॉलेज गहदेव की ओर कूच किया। जांच टीम साढ़े 11 बजे विद्यालय पहुंची तो वहां छुट्टी की जा चुकी थी।
विद्यालय के नोटिस बोर्ड पर छात्र अनुज कुमार की मौत पर कंडोलेंस करने की सूचना दर्ज थी। जांच टीम को मामला संदिग्ध लगा तो पड़ताल की गई। रजिस्टर जांचे गए तो पता चला कि 11 अगस्त को छात्र अनुज कुमार के सामने मृतक लिखा हुआ था।