देहरादून के एमकेपी पीजी कॉलेज के सेल्फ फाइनेंस कोर्स में फर्जी दाखिलों का मामला प्रकाश में आया है।
शिकायत शासन और गढ़वाल विवि को भेजी
प्राचार्य का कहना है कि कोर्स कॉर्डिनेटर ने बिना अनुमति यह दाखिले कराए हैं। परीक्षा के दौरान मामला खुला तो प्राचार्य ने मामले की शिकायत शासन और गढ़वाल विवि को भेजी है। कोर्स कॉर्डिनेटर डॉ. हेमलता सक्सेना से भी प्राचार्य ने जवाब तलब किया है।
एमकेपी कॉलेज में कॉलेज प्रशासन और प्रबंधन के बीच चल रहे विवाद और शासन की जांच के चलते इस वर्ष सेल्फ फाइनेंस कोर्स (एमए ड्राइंग एंड पेंटिंग और एमए होमसाइंस) में दाखिले नहीं हो पाए थे।
प्रबंधन का तर्क था कि एडमीशन फीस का ड्राफ्ट प्रबंधन के नाम बने। जबकि, प्राचार्य का कहना था कि शासनादेश के मुताबिक ड्राफ्ट अन्य कालेजों की भांति प्राचार्य के नाम बनना चाहिए। तब एडमीशन नहीं हुए लेकिन परीक्षा निकट आई तो धड़ाधड़ 62 दाखिले प्रथम व तृतीय सेमेस्टर में कर लिए गए।
प्राचार्य डॉ. इंदु सिंह को इस मामले की जानकारी तब लगी जब गढ़वाल विवि की ओर से एडमिट कार्ड भेजे गए। बताया जा रहा है कि इन पर प्राचार्य की मुहर और कोर्स कॉर्डिनेटर डॉ. हेमलता सक्सेना के हस्ताक्षर थे।
जवाब तलब किया
छात्राओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए परीक्षा तो करा दी गई लेकिन अब प्राचार्य ने गढ़वाल विवि के कुलपति, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा समेत अन्य अधिकारियों को पूरे प्रकरण की शिकायत भेजी है।
प्राचार्य ने सेल्फ फाइनेंस कोर्स कॉर्डिनेटर डॉ. हेमलता सक्सेना से भी मामले में जवाब तलब किया है। मामले पर डॉ. हेमलता सक्सेना का कहना है कि खुद प्राचार्य ने ही उन्हें कार्यालय से मुहर लेने को कहा था। जब उन्हें पता चला कि प्राचार्य हस्ताक्षर नहीं करेगी तो उन्होंने ‘फोर’ लिखकर अपने हस्ताक्षर कर दिए।
प्राचार्य ने सेल्फ फाइनेंस में कुछ छात्राओं के फार्म तो फॉर्वर्ड कर दिए थे जबकि कुछ फार्मों पर हस्ताक्षर नहीं किए थे। मुझे पता चला है कि अंतिम तिथि के दिन प्रिंसिपल कॉलेज में नहीं थीं। शिकायत आई है तो शासन कार्रवाई करे। यह कोई अपराध नहीं है। डॉ. हेमलता सक्सेना सेल्फ फाइनेंस कोर्स की कॉर्डिनेटर हैं।
- जितेंद्र नेगी, सचिव, एमकेपी प्रबंधन