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प्रवेश पत्र छपे नहीं और शुरू हो गईं परीक्षाएं

Wed, 07 May 2014 02:14 PM IST
आशीष त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ
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लखनऊ विश्वविद्यालय की लापरवाही, एग्जाम के दौरान बांट रहे एडमिट कार्ड, स्टूडेंट्स को अपना रोलनंबर तक नहीं पता, परेशान हो रहे छात्र।
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एलयू व डिग्री कॉलेजों में बुधवार को बीबीए की परीक्षाएं शुरू होंगी। बीबीए द्वितीय सेमेस्टर, चतुर्थ सेमेस्टर व छठे सेमेस्टर के प्रवेश पत्र मंगलवार शाम डिग्री कॉलेजों में पहुंचाए गए हैं।

ऐसे में अब स्टूडेंट्स को परीक्षा केंद्रों पर ही प्रवेश पत्र बांटे जाएंगे। अगर इसमें कोई गड़बड़ी हुई तो स्टूडेंट्स को ठीक कराने का मौका भी नहीं मिलेगा।
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परीक्षा केंद्र पर गलती से उनका प्रवेश पत्र न पहुंचे तो परीक्षार्थी को परेशानी उठानी पड़ सकती है।

प्रवेश पत्र में गड़बड़ी का फायदा उठाकर अगर कोई फर्जी परीक्षार्थी पेपर दे दे तो यूनिवर्सिटी के पास कोई तरीका नहीं कि वह उसे रोक सके।

तीन मई को शिया पीजी कॉलेज में एमजेएमसी की सेमेस्टर परीक्षा में स्टूडेंट्स को परीक्षा कक्ष में ही प्रवेश पत्र बांटे गए। स्टूडेंट्स ने इसका विरोध किया।

कारण, एग्जाम के पहले उन्हें रोलनंबर तक नहीं मालूम था। यूनिवर्सिटी प्रशासन की लापरवाही की वजह से स्टूडेंट काफी परेशान हुए।

परीक्षा से पहले वे कई बार प्रवेश पत्र लेने के लिए कॉलेज से लेकर यूनिवर्सिटी तक गए लेकिन कुछ नहीं हुआ।

वहीं, एमएससी सांख्यिकी के द्वितीय व चतुर्थ सेमेस्टर का पेपर बुधवार को है, मंगलवार को शिया कॉलेज प्रवेश पत्र पहुंचाया गया।

केस तीन: एलयू में एमएससी की सेमेस्टर परीक्षाओं में एनवॉयरमेंट साइंस, प्लांट साइंस व बॉटनी के स्टूडेंट्स को प्रवेश पत्र इम्तिहान शुरू होने के बाद मिल पाए।

वहीं, एमए प्राचीन भारतीय इतिहास जैसे विषयों में भी अभी तक स्टूडेंट्स को प्रवेश पत्र नहीं मिले। प्रवेश पत्र को लेकर यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट खासे परेशान हैं।

उनका कहना है कि प्रवेश पत्र को लेकर उन्हें इतनी भागदौड़ करनी पड़ रही है कि वे इम्तिहान के बीच में तैयारी छोड़कर यूनिवर्सिटी में चक्कर लगा रहे हैं। परीक्षा विभाग के अधिकारी भी जानकारी नहीं दे पा रहे हैं।

यह उदाहरण बानगी हैं कि किस तरह स्टूडेंट प्रवेश पत्र के लिए भटक रहे हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय व डिग्री कॉलेजों में परास्नातक व स्नातक की सेमेस्टर कक्षाओं के स्टूडेंट्स को परीक्षा शुरू होने से पहले प्रवेश पत्र बांटा जाता है।

इसके कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। परीक्षा विभाग के सूत्रों की मानें तो यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इस बार प्रवेश पत्र बनाने का काम नई एजेंसी को दिया है।

उसने डाटा एकत्र करने और फिर प्रवेश पत्र बनवाने के काम में देरी लगाई, जिसके चलते यूनिवर्सिटी व डिग्री कॉलेजों में सेमेस्टर परीक्षाएं शुरू होने के बाद प्रवेश पत्र बांटे जा रहे हैं।

पीजी की सेमेस्टर परीक्षाएं दे रहे छात्र अभिषेक कुमार का कहना है कि इस बार प्रवेश पत्र को लेकर जितनी परेशानी झेलनी पड़ रही है, उतनी पहले कभी नहीं हुई।

फिलहाल, उन्हें अब डर रहता है कि अगर इम्तिहान देने परीक्षा कक्ष में पहुंचे और कहीं प्रवेश पत्र गड़बड़ हो या फिर किन्हीं कारण से न आए तो परेशानी उठानी पड़ेगी।

बीबीए की सेमेस्टर परीक्षाएं देने जा रही छात्रा स्वाति कहती हैं कि अभी तक प्रवेश पत्र के लिए न जाने कितने चक्कर यूनिवर्सिटी में और कॉलेज में लगाए लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिल रहा है।
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बुधवार को दूसरी पाली में परीक्षाएं हैं। ऐसे में वे और उनके दूसरे सहपाठी टेंशन में हैं कि पहले प्रवेश पत्र हासिल करें या फिर एग्जाम दें। यूनिवर्सिटी प्रशासन की पूरी व्यवस्था ही ध्वस्त हो गई है। 
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