डीएवी कॉलेज में कॉलेज प्रशासन ने दूसरे दिन भी परीक्षा के दौरान निरीक्षण किया तो पता चला कि कुछ निजी शिक्षण संस्थानों से ड्यूटी पर भेजे गए पांच कक्ष निरीक्षक दरअसल कॉलेज के ही छात्र हैं।
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हालांकि, नकल में उनकी संलिप्तता नहीं पाई गई, लेकिन कॉलेज प्रशासन ने पांचों को तत्काल ड्यूटी से हटा दिया। अमर उजाला में डीएवी में कक्ष निरीक्षकों की छात्रों से मिलीभगत की खबरें प्रकाशित होने के बाद से कॉलेज प्रशासन भी मुस्तैद है।
कॉलेज में शिक्षकों की कमी के चलते बाहरी संस्थानों से शिक्षकों को निरीक्षक ड्यूटी पर लगाया जा रहा है। कॉलेज प्राचार्य डॉ. देवेंद्र भसीन ने बुधवार को निरीक्षण किया तो पांच कक्ष निरीक्षक कालेज की विभिन्न कक्षाओं के छात्र निकले।
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कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के मुताबिक कक्ष निरीक्षक बाहरी संस्थानों ने भेजे थे, लेकिन इन्होंने अपने कालेज का छात्र होने की बात छिपाई थी।
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जानकारी मिलते ही प्राचार्य ने तुरंत शिक्षकों की मीटिंग बुलाई और इन निरीक्षकों को ड्यूटी से हटा दिया। प्राचार्य का कहना है कि परीक्षा को पूरी तरह से नकलविहीन बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
नकल कराते छात्रनेता पकड़ा
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े छात्रनेता राकेश नेगी को कालेज में कुछ छात्रों को नकल कराते हुए कॉलेज प्रशासन ने पकड़ लिया।
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राकेश के अलावा एक अन्य छात्रनेता भी कॉलेज में प्रतिबंध के बावजूद प्रवेश करते हुए धरा गया। कॉलेज की टीम ने दोनों को दिनभर पुलिस चौकी में बिठाए रखा। शाम को माफी मांगने के बाद ही दोनों को छोड़ा गया।
20 सीसीटीवी लगेंगे
कॉलेज में छात्रों की भीड़ के बीच सभी जगह नजर रखने के लिए 20 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों से न केवल छात्रों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी, बल्कि उत्पात करने वाले छात्रों की पहचान भी आसान हो जाएगी।