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कॉलेजों में नहीं गली निर्वाचन विभाग की 'दाल'

Thu, 26 Sep 2013 11:16 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड के विवि और कॉलेजों में एडमिशन के साथ ही छात्रों को वोटर बनाने का निर्वाचन विभाग का फॉर्मूला परवान नहीं चढ़ पाया है।
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कॉलेजों और विवि में प्रवेश प्रक्रिया लगभग समाप्त हो चुकी है लेकिन अब तक दो को छोड़कर किसी भी कॉलेज में शिक्षक को कैंपस एंबेसडर तक नहीं बनाया जा सका है। ये हाल तब है जबकि इस संबंध में मुख्य निर्वाचन अधिकारी राधा रतूड़ी की ओर से पहले 18 जुलाई और फिर दोबारा 22 अगस्त को सभी विवि और कॉलेजों के लिए निर्देश जारी किए गए थे।

ऐसे बनाया जाना है वोटर
हर कैंपस में सहायक प्रोफेसर स्तर के दो शिक्षकों को कैंपस एंबेसडर को नियुक्त किया जाना है। ये कैंपस एंबेसडर 18 वर्ष (एक जनवरी 2014 को) से ऊपर उम्र के छात्रों को वोटर बनाने का काम करेंगे। इसके लिए निर्वाचन विभाग के फॉर्म-6 को भरवाया जाना है।
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विवि और कॉलेजों का ये है कहना
यूटीयू : विवि से मिली जानकारी के मुताबिक उन्हें हाल ही में इस तरह का पत्र मिला है। विवि ने उसे तत्काल सभी कालेजों के लिए जारी कर दिया है। अन्य प्रोफेशनल कॉलेजों में भी अब तक वोटर बनाने का यह फार्मूला परवान नहीं चढ़ पाया है, जबकि तकनीकी संस्थानों में दाखिला प्रक्रिया संपन्न हो चुकी है।

डीएवी : कॉलेज के प्राचार्य डा. देवेंद्र भसीन ने बताया कि जिस बैठक में यह निर्णय लिया गया था, उसमें वह मौजूद थे लेकिन अब तक निर्वाचन विभाग का मामले से संबंधित पत्र प्राप्त नहीं हो पाया है। कालेज में अब तक किसी भी शिक्षक को कैंपस एंबेसडर नियुक्त नहीं किया गया है।

एसजीआरआर : पीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. वीए बौड़ाई ने बताया कि उन्हें भी ऐसा पत्र अब तक प्राप्त नहीं हो पाया है। इस वजह से कालेज में किसी शिक्षक को कैंपस एंबेसडर नहीं बनाया गया है।

डीबीएस : कॉलेज की कैंपस एंबेसडर डा. प्रत्यूष वत्सला ने बताया कि उन्होंने सही वक्त पर प्रक्रिया शुरू कर दी थी, अब तक करीब 80 छात्रों के फॉर्म-6 उनके पास आ चुके हैं।
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एमकेपी : कॉलेज में बुधवार को ही डा. सरिता और डा. रेनू सक्सेना को कैंपस एंबेसडर नियुक्त किया है। एमकेपी प्राचार्य डा. इंदु सिंह ने बताया कि पत्र तो अगस्त तक आ चुका था लेकिन कुछ कारणों से प्रक्रिया में थोड़ी देर हुई।

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