उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की ओर से बोर्ड परीक्षाओं के लिए प्रदेश में 26 अति संवेदनशील और 245 केंद्र संवेदनशील घोषित किए गए हैं। देहरादून में इस बार एक भी केंद्र अति संवेदनशील नहीं है। 11 केंद्रों को संवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है।
विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर के सचिव डॉ. आरडी शर्मा ने कहा कि हाईस्कूल में इस साल एक लाख 67 हजार 22 और इंटर में एक लाख 35 हजार 650 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। प्रदेश में तीन मार्च से शुरू हो रही परीक्षाओं के लिए परिषद की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
परीक्षा के लिए प्रदेश भर में 1317 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा में नकल रोकने के लिए शिक्षा महानिदेशक, निदेशक माध्यमिक शिक्षा, निदेशक बेसिक शिक्षा और तीन उत्तराखंड बोर्ड के सचल दस्ते होंगे। इसके अलावा मंडल और जनपद स्तर पर सचल दल गठित किए गए हैं।
दून के संवेदनशील परीक्षा केंद्र
जीआईसी हर्बटपुर, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज बाबूगढ़, भरत मंदिर इंटर कालेज ऋषिकेश, आईडीपीएल वीरभद्र ऋषिकेश, डीएवी इंटर कालेज करनपुर, जीआईसी मेहूंवाला, जीआईसी भटाड़, जीआईसी त्यूणी, जीआईसी चकराता, जीआईसी कचटा गांगरो, जीआईसी साहिया।
डीएम ने ली प्रधानाचार्यों की बैठक
बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी को लेकर जिलाधिकारी रविनाथ रमन ने शुक्रवार को नगर निगम में विभागीय अधिकारियों और प्रिंसिपलों की बैठक ली। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि परीक्षाओं में नकल रोकने के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।
डीएम ने कहा कि परीक्षाओं को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए शिक्षा विभाग को जितनी पुलिस फोर्स की जरूरत पड़ेगी उपलब्ध कराई जाएगी।
बैठक में मुख्य शिक्षा अधिकारी एसपी खाली, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक एसएन काला, जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक मेहरबान सिंह बिष्ट, बीईओ सहसपुर गोपाल चौबे, प्रिंसिपल एसएस बिष्ट, राजकीय शिक्षक संघ देहरादून के जिलाध्यक्ष नरेंद्र सिंह बिष्ट आदि मौजूद रहे।
कुछ प्रधानाचार्यों ने जताई नाराजगी
बैठक में कुछ प्रधानाचार्यों ने इस बात पर नाराजगी जताई कि जिस दिन जिस विषय की परीक्षा होगी, उस विषय के शिक्षकों की उस दिन परीक्षा केंद्र में ड्यूटी नहीं लगेगी। प्रिंसिपलों ने कहा कि इससे ऐसा लगता है कि विभाग को उन पर विश्वास नहीं है।
शिक्षिकाओं के सीसीएल पर होने से बनी समस्या
बैठक में कुछ प्रधानाचार्यों ने कहा कि कई शिक्षिकाएं सीसीएल पर हैं, इससे स्कूलों में शिक्षकों की कमी बनी है। बैठक में तय किया गया कि शिक्षकों की कमी हुई तो प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों को ड्यूटी पर लगाया जाए।