दिल्ली विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार डॉ. अलका शर्मा को कार्यमुक्त कर दिया गया है। केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने डॉ. अलका शर्मा की प्रतिनियुक्ति को विस्तार नहीं देने का फैसला किया है। साथ ही रक्षा मंत्रालय में उनके मूल कैडर में वापस जाने को मंजूरी दी है।
इसके आधार पर मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से कुलपति प्रो दिनेश सिंह को पत्र लिखकर रजिस्ट्रार अलका शर्मा को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त करने को कहा गया है।
बताया जाता है कि जुलाई में मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को रजिस्ट्रार को वापस बुलाने को लिखा था। मंत्रालय एफवाईयूपी मामले में उनकी भूमिका से नाखुश था।
मालूम हो कि डॉ. अलका शर्मा ने वर्ष 2006 में विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी का पद संभाला था। उन्हें बीते सात साल नौ महीने डेपुटेशन पर काम किया। वर्ष 2010 में वह डीयू की रजिस्ट्रार बनीं थी।
24 जनवरी 2014 से जनवरी 2015 तक के लिए एक्स्टेंशन मिला। जिस पर विवि की शिक्षक बिरादरी लगातार सवाल उठा रही थी। दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने डॉ शर्मा को उनके मूल कैडर में वापस बुलाए जाने का स्वागत किया है।
डूटा की ओर से एक बयान जारी कर कहा गया है कि उनकी प्रतिनियुक्ति को सात साल की अधिकतम अवधि से ज्यादा विस्तार दिया गया। जो कि 21 जनवरी 2014 तक समाप्त हो गई थी।