दिल्ली विश्वविद्यालय में आवेदन प्रक्रिया में इस बार ओएमआर फॉर्म (आवेदन फॉर्म) में छात्रों को कॉलेज भरने का विकल्प नहीं मिलेगा।
डीयू प्रशासन ने पहले कॉलेज के विकल्प को फॉर्म में रखने का निर्णय किया था। अब यू-टर्न लेते हुए इसे हटा दिया गया है। अब फॉर्म में छात्रों को कोर्स भरने का ही विकल्प मिलेगा।
प्रशासन का तर्क है कि इससे अच्छे नंबर पाने वाले सभी तरह के कॉलेज में दाखिले के लिए योग्य होंगे। वहीं कॉलेजों को सख्त निर्देश दिया गया है कि उन्हें हर एडमिशन की जानकारी रोजाना वेबसाइट पर जारी करनी होगी।
डीयू के मीडिया कोऑर्डिनेटर और ज्वाइंट डीन छात्र कल्याण डॉक्टर मलय नीरव ने बताया कि बीते साल भी फॉर्म में कॉलेजों का विकल्प नहीं था।
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कॉलेज का विकल्प नहीं होने से छात्र भ्रमित नहीं होंगे। इसके साथ ही अच्छी मेरिट वाले छात्र सभी कॉलेजों में दाखिले के लिए योग्य होंगे। बीते सालों में देखने में आया कि कॉलेज का विकल्प मिलने से छात्रों को लगता है कि हर किसी कॉलेज में एडमिशन हो जाएगा।
ऐसे भी कयास लगाए जा रहे हैं कि विकल्प समाप्त होने से कट ऑफ बढ़ने की संभावना बढ़ेगी और सीटों से ज्यादा दाखिले होंगे। नीरव ने कहा कि डीयू प्रशासन इस बार फॉर्म आने के बाद स्टेटिकल विश्लेषण करेगा। उसके बाद जानकारी कॉलेजों को दी जाएगी।
वेबसाइट पर जानकारी दें कॉलेज
डीयू के सभी कॉलेज प्रिंसिपल को सख्त हिदायत दी गई है कि वह रोजाना होने वाले दाखिले की जानकारी वेबसाइट पर अपडेट करें। उन्हें एडमिशन के दौरान ली गई सारी जानकारी देनी होगी। कॉलेज किसी भी छात्र को दाखिला देने से मना भी नहीं कर सकेंगे। इसके साथ ही प्रशासन को इस तरह की जानकारी मिलने से दूसरी कट व्यवहारिक बनेगी।