मुसीबत में हैं और मदद की जरूरत है तो बस अपने मोबाइल पर एक क्लिक करें और पांच लोगों तक एसएमएस के जरिये आपकी पुकार पहुंच जाएगी।
मोबाइल आपका रक्षक बन सके इसके लिए बस आपको ‘यू आर सेफ’ एप्लीकेशन को डाउनलोड करना होगा। इसके लिए स्मार्टफोन जरूरी है।
पढें, हैवानियतः यज्ञ के बहाने ज्योतिषियों ने किया गैंगरेप
इसे तैयार किया है ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी में एमसीए के दो होनहार छात्रों अखिलेश शर्मा और अनुज रावत ने। ट्रायल के बाद पुलिस ने भी इस एप्लीकेशन को हरी झंडी दे दी है। मंगलवार से इस एप्लीकेशन को एसएसपी ऑफिस में आकर मुफ्त डाउनलोड किया जा सकता है।
ऐसे काम करेगा एप्लीकेशन
सबसे पहले ‘यू आर सेफ’ एप्लीकेशन (सॉफ्टवेयर) को मोबाइल पर डाउनलोड करना होगा। शुरुआत में सॉफ्टवेयर आपसे पांच मोबाइल नंबर मांगेगा। यह उन लोगों के नंबर होंगे जिनसे आप किसी भी मुसीबत में संपर्क करना चाहते हैं। इसमें आप पुलिस कंट्रोल रूम और किसी अधिकारी का नंबर भी शामिल कर सकते हैं।
पढें, तमंचे की नोक पर मां के सामने बेटी से गैंगरेप
यह एप्लीकेशन ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) की मदद से काम करेगी। मुसीबत के समय एप्लीकेशन पर क्लिक करते ही पांचों नंबरों पर एसएमएस चला जाएगा। एसएमएस में जीपीएस की मदद से आपकी लोकेशन भी दर्ज हो जाएगी। आपकी लोकेशन तक पहुंचने का सही रास्ता भी यह एप्लीकेशन बता देगा।
इस्तेमाल में आसान
दिल्ली गैंगरेप के बाद ऐसी कई एप्लीकेशन लांच किए गए हैं, लेकिन ज्यादा एमबी की होने के कारण सस्ते स्मार्टफोन पर इन्हें प्रयोग नहीं किया जा सकता। जबकि, यू आर सेफ एप्लीकेशन के लिए 250 केबी मेमोरी की जरूरत है। यह एप्लीकेशन पलक झपकते ही मोबाइल में अपलोड हो जाता है।
पढें, दुराचार के बाद देह व्यापार की 'मंडी' में उतारी युवती
पुलिस ने किया पुरस्कृत
एप्लीकेशन बनाने वाले छात्र अखिलेश शर्मा और अनुज रावत को एसएसपी केवल खुराना ने दस-दस हजार रुपये से पुरस्कृत किया। उन्होंने कहा दोनों छात्रों ने बेहतरीन कार्य किया है। मूल रूप से कोटद्वार निवासी अखिलेश ने बताया यह कांसेप्ट उनके सहपाठी अनुज रावत था। उन्होंने डेढ़ माह में इस सॉफ्टवेयर को तैयार किया है।