स्नातक परीक्षाओं में कट लिस्ट समय पर न पहुंचने और परीक्षा केंद्र देरी से जारी करने पर एसएफआई भड़क गई है। जिला इकाई ने इसके लिए प्रदेश विश्वविद्यालय प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है।
जिला अध्यक्ष प्रेम कायथ और सचिव चंद्रकांत वर्मा ने आरोप लगाया कि जिले के हर कॉलेज में कभी प्रश्न पत्र कम आने, कभी क्षमता से अधिक छात्र भेजे जाने और समय से रोल नंबर कट लिस्ट जारी न करने से परीक्षार्थियों को दिक्कत हो रही है।
उन्होंने कहा कि कुलपति एक ओर गुणात्मक शिक्षा और बेहतर परीक्षा प्रणाली के दावे करते हैं जबकि वास्तविकता यह है कि 45 दिन में रूसा के प्रथम सत्र के परिणाम को घोषित करने की बात करने वाला विश्वविद्यालय 130 बाद भी परिणाम घोषित नहीं कर पा रहा।
छात्र नेताओं ने चेताया कि यदि यूजी परीक्षाओं के संचालन में सुधार नहीं हुआ तो एसएफआई विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ आंदोलन करेगी। उन्होंने मांग की कि परीक्षाओं के एक दिन पूर्व कॉलेजों को कट लिस्ट और रोलनंबर का पूरा ब्योरा भेजने के साथ प्रश्न पत्रों को छात्र संख्या के मुताबिक उपलब्ध कराया जाए।