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पीयू सिंडीकेट 27 को, 188 कॉलेजों के स्टूडेंट्स को लगेगा झटका

Wed, 24 Feb 2016 08:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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27 फरवरी को पंजाब यूनिवर्सिटी की सिंडीकेट बैठक होने जा रही है। इससे पीयू एफिलिएटेड 188 प्राइवेट और गवर्नमेंट कॉलेजों के लाखों स्टूडेंट्स को झटका लग सकता है। सिंडीकेट में विभिन्न कोर्स की फीस बढ़ाने पर मुहर लगेगी।
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पीयू की ओर से डीयूआई प्रो. एके भंडारी की अध्यक्षता में गठित 11 सदस्यों की कमेटी ने फीस बढ़ोतरी का खाका तैयार कर लिया है। 27 फरवरी को पीयू सिंडीकेट में कॉलेजों की फीस बढ़ोतरी पर मुहर लगा दी जाएगी।

फीस कमेटी ने ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स में 500 से 1200 तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार किया है। पीयू के इस फैसले से करीब तीन लाख विद्यार्थी प्रभावित होंगे। कमेटी ने ट्यूशन फीस के साथ-साथ कई अन्य चार्ज भी बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है।
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9 फरवरी को कॉलेजों की फीस बढ़ाने के लेकर गठित कमेटी की बैठक हुई है। सिंडीकेट और फिर सीनेट से मंजूरी के बाद जुलाई (नए सत्र) से बढ़ी हुई फीस वसूली जाएगी। सिंडीकेट में 2016-17 के लिए बोर्ड ऑफ फाइनेंस द्वारा 517.33 करोड़ के बजट को मंजूरी का प्रस्ताव सिंडीकेट में रखा जाएगा।

ये है प्रस्तावित फीस स्ट्रक्चर
बीए----------------------13920
बीकॉम-------------------20480
बीएससी------------------15280
एमए----------------------15830
एमकॉम--------------------20480
एमएससी------------------18540
बीबीए---------------------27420
पीजी डिप्लोमा--------------20140
बीसीए---------------------32800
बीएससी (बायोटेक)---------32800
एमएससी (आईटी)-----------43800
एमएससी (बायोटेक्नोलॉजी)---54300
एमएससी (बायोइंफॉरमेटिक्स)--54300
(फीस में विभिन्न कक्षाओं के आधार पर कुछ अन्य फंड की फीस शामिल नहीं है)

पीयू ठेका कर्मचारियों को रेगुलर करने का मामला
आगामी पीयू सिंडीकेट में पीयू नॉन टीचिंग कर्मचारियों के कई मुद्दों को लेकर हंगामा होने की उम्मीद है। सिंडीकेट बैठक में 10 साल से अधिक समय से ठेके पर कार्यरत कर्मचारियों को रेगुलर करने संबंधी पालिसी की अप्रूवल और डेलीवेज पर लगे कर्मचारियों की जगह आउटसोर्सिंग मुद्दे पर भी चर्चा होगी।
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सिंडीकेट में ये प्रस्ताव भी रखे जाएंगे
- ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए पीजी और अंडर ग्रेजुएट कोर्स में सीटें निर्धारित करने का प्रस्ताव भी आएगा।
- पीयू और एफिलिएटेड कॉलेज शिक्षकों को पीएचडी में रजिस्ट्रेशन के लिए यूजीसी नेट से छूट का प्रस्ताव।
- 2016-17 सत्र से बीएससी (एचएस) मैथमेट्किस एंड कंप्यूटिंग को बंद करने का प्रस्ताव।
- श्री गुरु ग्रंथ साहिब एंड रिलीजियस विभाग में एमए कोर्स शुरू करने का प्रस्ताव।
- नई डिग्री और डीएमसी बनाने के लिए अब डुप्लीकेट की जगह री-इश्यू शब्द प्रयोग में लाने का प्रस्ताव।  
- पीयू कुलपति पर यौन उत्पीड़न मामले की रिपोर्ट भी सिंडीकेट में पेश की जाएगी।
 - एमएससी (आनर्स स्कूल) में दाखिले नियमों में बदलाव का प्रस्ताव।
- पीयू फैकल्टी मेंबर के लिए रोटेशन सिस्टम के तहत ट्रांसफर पॉलिसी लागू करने का प्रस्ताव।
- एमडीएस कोर्स के नियमों को लागू करने का प्रस्ताव।
 - पीयू में यौन शोषण मामलों को लेकर कमेटी गठन का मामला।
- पीयू में यूजीसी नियमों के तहत डायरेक्टरेट ऑफ हिंदी स्थापित करने का प्रस्ताव।
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