देश के टॉप आर्किटेक्चर कालेज में शुमार सेक्टर-12 स्थित चंडीगढ़ कालेज ऑफ आर्किटेक्चर(सीसीए) में 2014-15 सत्र में दाखिला नहीं होगा।
नई दिल्ली काउंसिल ऑफ आर्किटेक्चर (सीओए) ने सीसीए की मान्यता रद्द करने के आदेश जारी कर दिए है। इस संबंध में सीओए ने पंजाब यूनिवर्सिटी को भी कालेज की मान्यता रद्द करने की चिट्ठी भेज दी है।
हर साल सीबीएसई द्वारा ज्वाइंट एंट्रेंस टेस्ट(जेईई) के तहत बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर (बीआर्क) में 40 सीटों पर दाखिला दिया जाता है।
जानकारी अनुसार, सीओए पांच साल में देश भर के आर्किटेक्चर कालेज की इंस्पेक्शन करता है। सीओए की टीम सीसीए कालेज में भी इंस्पेक्शन के लिए पहुंची, लेकिन कालेज प्रबंधन ने इससे मना कर दिया।
साथ ही कालेज ने जरूरी इंस्पेक्शन फीस भी जमा नहीं कराई। सीसीए द्वारा बार-बार चिट्ठी लिखने के बाद भी अनदेखी करने पर 18 मार्च को कालेज की मान्यता रद्द करने का फैसला लिया गया।
रेगुलर शिक्षक नहीं, प्रिंसिपल भी अस्थायी
सीसीए में 1996 से स्थायी प्रिंसिपल नहीं है। असिस्टेंट प्रोफेसर प्रदीप भगत को प्रिंसिपल का चार्ज दिया हुआ है। फैकल्टी में अधिकतर शिक्षक कांट्रेक्ट या पार्ट टाइम रखे हुए हैं।
जिन्हें मनमर्जी से हटा दिया जाता है। 7 अगस्त 1961 को शुरू हुए सीसीए कालेज से 1500 से अधिक आर्किटेक्चर डिग्री लेकर देश विदेश में नामी पदों पर कार्यरत हैं। चंडीगढ़ को तैयार करने वाले आर्किटेक्चर ली कार्बुजिए ने बिल्डिंग को डिजाइन किया है। देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने सीसीए तैयार करने में खासी रुचि दिखाई थी।
सीओए ने 18 मार्च को जारी किए आदेश
देश भर के आर्किटेक्चर कालेजों की कार्यप्रणाली पर नजर रखने वाली सीओए ने 18 मार्च को अपनी वेबसाइट पर सीसीए कालेज में बीआर्क कालेज को 2014-15 सत्र में दाखिला देने के अयोग्य करार दिया है। इस संबंध में पीयू प्रशासन और चंडीगढ़ प्रशासन को भी चिट्ठी भेजी जा चुकी है।