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स्कूलों में पढ़ाए जाएं साइबर लॉ और साइबर क्राइम

Fri, 20 Nov 2015 06:09 AM IST
रश्मि शर्मा/अमर उजाला, नई दिल्ली
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उच्च शिक्षा में साइबर क्राइम व साइबर कानून से जुड़ा अध्ययन तो होता है, लेकिन अब स्कूली स्तर के पाठ्यक्रम में भी इन विषयों की पढ़ाई जरूरी है। स्कूलों में चुनौती बन रहे साइबर बुलिंग के कारण साइबर एक्सपर्ट्स ने सरकार व सीबीएसई को इस तरह के कोर्सेज शुरू करने की सिफारिश भेजी है। यदि सिफारिश को क्रियान्वित करने का प्रयास शुरू हो तो स्कूल में ही इन विषयों की पढ़ाई शुरू हो सकती है। साइबर विशेषज्ञों के इस मत से नामी स्कूल के प्रिंसिपल भी सहमत हैं।
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सुप्रीम कोर्ट के वकील व साइबर लॉ डॉट नेट के अध्यक्ष पवन दुग्गल ने बताया कि साइबर क्राइम प्रतिदिन हो रहा है। खासकर दिल्ली में साइबर क्राइम के आंकड़े बढ़ रहे हैं। सूचना प्रौद्योगिकी के बढ़ते चलन व दिखावे की प्रवृति के कारण बच्चों में सोशल मीडिया का प्रयोग लगातार बढ़ रहा है।

खासकर बच्चे साइबर बुलिंग व साइबर क्राइम का शिकार बन रहे हैं। अभिभावकों ने होड़ में स्मार्ट फोन देने शुरू किए हैं। ऐसे में स्कूली स्तर पर भी बच्चों के लिए जागरूकता जरूरी है। इसके लिए हमने साइबर लॉ व साइबर क्राइम विषयों को पाठ्यक्रम में शामिल करने के लिए सरकार व सीबीएसई को सिफारिश भेजी है।
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शिक्षा के माध्यम से ही जागरूकता को बढ़ाया जा सकता है। हालांकि स्कूली स्तर पर विषय शुरू होने के साथ-साथ अभिभावकों की ज्यादा जिम्मेदारी है। धौला कुआं स्थित स्प्रिंग डेल्स स्कूल की प्रिंसिपल डॉ. ज्योति बोस ने कहा कि मोबाइल के जरिये क्राइम काफी बढ़ रहा है। स्कूली स्तर पर साइबर क्राइम से जु़ड़े विषय होने चाहिए। उन्होंने कहा कि तकनीक तो आ गई, लेकिन उसके इस्तेमाल की शिक्षा दी नहीं।
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