प्रदेश के युवा बीएड कोर्स से मुंह मोड़ने लगे हैं। दो साल का बीएड कोर्स होना इसका कारण माना जा रहा है। इसमें प्रवेश के लिए 24 जुलाई से काउंसलिंग शुरू हुई है। यह 14 अगस्त तक चलेगी। इस प्रक्रिया में हिस्सा लेने के लिए मेरिट में आए 40 से 45 फीसदी छात्र ही पहुंच रहे हैं। अब तक हुई काउंसलिंग में एचपीयू स्थित शिक्षा विभाग और बीएड कॉलेज धर्मशाला में भी पूरी सीटें नहीं भरी जा सकी हैं।
इन संस्थानों में सामान्य वर्ग की सीटें जरूर भर गई हैं, मगर एससी, एसटी, अन्य आरक्षित और उप आरक्षित वर्ग के साथ बाहरी राज्यों के लिए आरक्षित सीटें खाली रह गई हैं। प्रदेश के 75 बीएड कॉलेजों में साढ़े आठ हजार सीटों के लिए अब तक हुई काउंसलिंग में करीब दो से ढाई हजार ही सीटें भरी जा सकी हैं।