यूजी परीक्षा में लापरवाही का एक और बड़ा मामला सामने आया है। ऊना कॉलेज में तृतीय सत्र (जियोग्राफी) का परचा पहले सत्र की जियोग्राफी कंप्लसरी स्किल बेस्ड परीक्षा में खोल दिया गया। हालांकि, इसकी भनक लगते ही छात्रों को सही प्रश्न पत्र बांट दिए गए।
परीक्षा केंद्र स्तर पर वरिष्ठ केंद्र अधीक्षक, अधीक्षक और उप अधीक्षकों की गलतियों के कारण एक विवि की परीक्षा संचालन की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। परीक्षा के दूसरे दिन फिर से गलती होने के बाद परीक्षा केंद्रों के वरिष्ठ केंद्र अधीक्षकों को दिशा- निर्देश जारी किए गए हैं। इसमें कहा गया है कि भविष्य में ऐसे मामले न हो, यह सुनिश्चित किया जाए।
कॉलेज प्राचार्य/वरिष्ठ परीक्षा केंद्र अधीक्षक अपनी मौजूदगी में दोनों सत्र से पूर्व परीक्षा शुरू होने से पहले प्रश्न पत्रों के पैकेट के बार में लिखी इससे संबंधित हर जानकारी को गंभीरता से पढ़ें। उसके बाद ही पैकेट खोलें। इससे पहले सोमवार को भी दो परीक्षा केंद्रों में गलत प्रश्नपत्र खोलने का मामला सामने आया था।
विवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. एसएल कौशल ने माना कि जियोग्राफी का प्रश्नपत्र गलत खुलने की सूचना आई है। उन्होंने कहा कि पैकेट पर अंकित यूजी रूसा सेमेस्टर सिस्टम के तहत सेमेस्टर, कोर्स का कोड, मेजर, माइनर, विषय आदि को अच्छी तरह से जांचें, उसे तय की गई डेटशीट के साथ टेली करने के बाद ही प्रश्न पत्र पैकेट की सील खोलें, पैकेट कहीं से फटा होने, सील के टूटे होने पर इसकी तुरंत सूचना विवि को दें। परीक्षा केंद्रों के लिए जारी किए गए निर्देशों को जरूर पढ़ें।
गलत प्रश्नपत्र खुल जाने पर विवि पर प्रति प्रश्नपत्र सेटिंग, प्रिंटिंग के साथ उसे परीक्षा केंद्र पहुंचाने पर औसतन सात लाख तक का खर्च आता है। तीन तीन गलत प्रश्न पत्र पैकेट खुलने से अब तक विवि पर करीब करीब 21 लाख का अतिरिक्त खर्च पड़ना तय हो गया है।
एचपीयू की 24 नवंबर को सुबह के सत्र में हुई परीक्षा में ऊना कॉलेज परीक्षा केंद्र में 21 दिसंबर को होने वाली कंप्लसरी स्किल बेस्ड टाइटल जियोग्राफी ऑफ हिमाचल प्रदेश का प्रश्न पत्र गलती से खोला गया है। 24 नवंबर को 512 कोड, स्किल बेस्ड, उसी टाइटल जियोग्राफी ऑफ हिमाचल प्रदेश विषय की पहले सत्र की परीक्षा तय थी।