देहरादून स्थित डीएवी कॉलेज में नकल के मकड़जाल पर कार्रवाई में दस छात्रनेता कॉलेज प्रशासन की हिटलिस्ट में आ गए हैं। इन पर कॉलेज में घुसकर छात्रों को नकल कराने का संदेह है।
छात्रनेताओं की सूची थमाकर दिया सख्त आदेश
चीफ प्रॉक्टर ने उड़न दस्ते को इन छात्रनेताओं की सूची थमाकर सख्त आदेश दिया है कि अगर ये या कोई अन्य छात्रनेता या छात्र नकल कराते/करते पकड़ा गया तो उसके खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
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गुरुवार को छात्र संगठनों की बैठक लेते हुए चीफ प्रॉक्टर डॉ. रविभूषण पांडे ने कहा कि दस छात्रनेता कॉलेज में नकल को बढ़ावा दे रहे हैं। ऐसे छात्रनेताओं को अब बख्शा नहीं जाएगा।
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यदि वे परीक्षा के दौरान कॉलेज के आसपास भी नजर आए तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। नकल कराते पकड़ने पर उन्हें जेल भिजवा दिया जाएगा।
छात्र संगठनों को दिए निर्देश
उन्होंने सभी छात्र संगठनों को यह भी निर्देश दिए हैं कि वह तत्काल प्रभाव से कॉलेज में लगाए गए अपने पोस्टर, बैनर और फ्लैक्स हटा लें।
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यदि ऐसा न हुआ तो उन्हें शुक्रवार को नोटिस जारी किया जाएगा और शनिवार से उत्तराखंड संपत्ति विरूपण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करा दिया जाएगा।
बता दें कि दो दिन पहले एबीवीपी के छात्रनेता राकेश नेगी कॉलेज में छात्रों को नकल कराते हुए पकड़े गए थे। उन्हें लिखित माफीनामे के आधार पर बख्श दिया गया था।
गौरतलब है कि डीएवी में नकल के मकड़जाल की खबरें अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित की थी।